TIO सीवान
ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के इंजीनियर पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि बांध का अगर ठीक से ध्यान रखा जाता तो ऐसी घटना नहीं होती। सवाल पूछने पर विभाग कर्मचारी कहते हैं पानी को कौन रोक सकता है?

मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर से जब पत्रकारों ने बांध टूटने को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया और मीडिया कर्मियों के साथ बदसलूकी तक की। विभाग के अन्य कर्मी ने बताया कि यहां सलुइस गेट था और दो महीने पहले बारिश को देखते हुए इसकी मरम्मत कराई गई थी। लेकिन, मरम्मत के बावजूद बांध में लीकेज हो गया और पानी खेतों में घुस गया। जब उनसे बांध के टूटने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने लापरवाही भरे अंदाज़ में कहा कि पानी है, उसको कौन रोक सकता है?
ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल इसी तरह की घटनाएं होती हैं और विभाग सिर्फ कागज़ों में मरम्मत दिखाकर खानापूर्ति करता है। लेकिन, हकीकत में न कोई स्थायी समाधान किया जाता है और न ही लापरवाह कर्मियों पर कोई कार्रवाई होती है। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी और वरीय अधिकारियों से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई करें।







