TIO प्रयागराज

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद की कब्र के बगल में ही उसके छोटे बेटे अबान (21) को दफनाया जाएगा। कब्रिस्तान में अबान की 7 फीट की कब्र खोदी गई है। एहतियात के तौर पर 70 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं।

अबान का शव लेने झांसी पहुंचे बड़े भाई अहजम ने कहा- अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने ले ली। 2023 में अबान के बड़े भाई असद के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद अतीक के भाई अशरफ ने भी कहा था- अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने ले ली।

अबान का शव शुक्रवार तड़के 4 बजे प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचा। यहां अबान की बुआ का घर है। अतीक का घर टूटने के बाद दोनों भाई यहीं रहते थे। शव पहुंचते ही रिश्तेदार फूट-फूटकर रोने लगे। दोपहर 1 बजे जुमे की नमाज के बाद अबान को दफनाया जाएगा। जिस कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अबान सुपुर्द-ए-खाक होगा, वह अतीक परिवार का खानदानी कब्रिस्तान है। यहां अतीक, उसके पिता फिरोज, भाई अशरफ और बेटे असद की कब्रें हैं।

अबान का बड़े भाई उमर लखनऊ जेल, दूसरा भाई अली झांसी जेल में बंद है। अहजम ने पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा था- वह चाहता है कि अबान के जनाने में उसके दोनों भाइयों को शामिल होने की अनुमति दी जाए।

जेल में बंद भाइयों के जनाजे में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। वकील ने दैनिक भास्कर को बताया कि दोपहर 1 बजे पैरोल अर्जी पर सुनवाई हो सकती है। अगर कोर्ट से अनुमति मिलती है तो दोनों भाई जनाजे में शामिल हो सकेंगे।

मोहम्मद उमर लखनऊ जेल में बंद है, जबकि अली अहमद झांसी जेल में बंद है। दोनों को जेल से प्रयागराज लाने में करीब 5-6 घंटे लग सकते हैं। यानी अगर दोनों भाइयों को पैरोल मिलती है तो 6-7 बजे के बीच सुपुर्दे खाक किया जाएगा।

वहीं, अबान की मां शाइस्ता परवीन 2023 से फरार है। बेटे असद और पति अतीक के जनाजे में भी शाइस्ता शामिल नहीं हुई थी। ऐसे में शाइस्ता अबान के जनाजे में शमिल होगी या नहीं, इसे लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER