TIO वॉशिंगटन डीसी/ तेहरान/ तेल

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान में 10 से ज्यादा शहरों पर हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केश्म, किश, काजेरून, अहवाज, अबादान, शादेगान, अरवंदकेनार, बुशेहर, जाम और खोरमोज को निशाना बनाया गया है।

केश्म द्वीप पर रिहायशी इमारत पर हमले में एक दंपती और उनके 2 साल के बच्चे की मौत हुई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हुए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं, तटीय निगरानी एवं रक्षा ठिकाने और समुद्री सैन्य क्षमताएं शामिल हैं।

ट्रम्प ने हमलों से पहले कहा था कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा, “उन्होंने हमला करने की कोशिश की, अब हमारी बारी है।”

अमेरिका की ईरान पर कार्रवाई की वीडियो…

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. ट्रम्प ने ईरान को फिर दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अगर हालात बिगड़े तो अमेरिका ईरान पर “बहुत जोरदार हमला” करेगा। हालांकि, उन्होंने भविष्य में समझौते की संभावना से भी इनकार नहीं किया।

2. अमेरिका-सऊदी के संयुक्त हमले, इराक में 20 PMF लड़ाके मारे गए: अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित PMF के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए। PMF के मुताबिक, हमलों में कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और कई अन्य घायल हुए।

3. मिस्र के बंदरगाह पर अमेरिकी गैस टैंकर पर ड्रोन हमला: मिस्र के दमियत्ता पोर्ट पर अमेरिकी गैस स्टोरेज टैंकर को ड्रोन से निशाना बनाया गया। हमले के बाद आग लग गई, लेकिन प्रशासन ने हालात पर जल्द काबू पा लिया।

4. कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर के करीब, 100 डॉलर तक जाने की आशंका: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालात और बिगड़े तो कीमत 100 डॉलर तक जा सकती है।

5. ईरान बोला- हमारी इजाजत के बिना होर्मुज से कोई जहाज नहीं गुजरेगा: ईरानी नौसेना ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्र पर उसका पूरा नियंत्रण है। उसने कहा कि उसकी अनुमति के बिना किसी जहाज की आवाजाही नहीं हो सकती।

इजराइल ने सीरिया के कुनेत्रा में तोपों से हमला किया

इजराइल ने दक्षिणी सीरिया के कुनेत्रा प्रांत के ग्रामीण इलाके में तोपों से हमला किया। सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सना के मुताबिक, टेल अल-अहमर इलाके के पूर्वी बाहरी हिस्से में तीन गोले गिरे। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ईरान बोला- होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर में आग लगी, 2 तेल जहाज लौटे

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि बुधवार रात होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में एक तेल टैंकर में भीषण आग लग गई। इसके बाद उसी रास्ते से गुजर रहे दो दूसरे तेल जहाज आगे बढ़ने के बजाय लौट गए।

IRGC का आरोप है कि अमेरिकी विमान इन जहाजों को एक ‘असुरक्षित रास्ते’ से ले जा रहे थे। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि आग कैसे लगी, टैंकर कौन से थे और घटना में कोई हताहत हुआ या नहीं।

IRGC ने कहा कि जब तक अमेरिका क्षेत्र की समुद्री गतिविधियों में दखल देता रहेगा और धमकियां देता रहेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। उसने यह भी कहा कि अमेरिका को इसका जवाब दिया जाएगा।

अमेरिका-ईरान की जंग क्यों नहीं रुक रही

जॉर्डन बोला- ईरान से दागी गईं 5 मिसाइलें मार गिराईं

जॉर्डन की सेनाओं ने कहा कि गुरुवार तड़के ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, सैन्य रडार ने समय रहते मिसाइलों का पता लगा लिया था।

केश्म में 2 साल के बच्चे और माता-पिता की मौत

ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में एक ही परिवार उजड़ गया। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमले में एक दंपती और उनके 2 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के दो अन्य बच्चे घायल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 7 और 9 साल के दो अन्य बच्चे भी हमले में घायल हुए हैं। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

कुवैत-बहरीन में US बेस पर हमला कर सकता है ईरान

अमेरिकी हमलों के बीच कुवैत और बहरीन में मौजूद US के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की आशंका बढ़ गई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की नजर खास तौर पर कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर दागी गई कुछ मिसाइलें कुवैत से छोड़ी गई थीं। इसके बाद कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की मांग तेज हो गई है। बहरीन भी संभावित निशानों में शामिल बताया जा रहा है।

अमेरिका के हमले कितना असर डाल रहे हैं?

1. अभी सिर्फ दबाव बनाने की कोशिश

मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार रयान बोल के मुताबिक, अमेरिका फिलहाल ईरान को डराने और दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, उसकी सैन्य ताकत खत्म करने की नहीं।

2. बार-बार हमले, लेकिन असर सीमित

अमेरिका मानता है कि लगातार हमलों से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की नाकेबंदी कमजोर होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी गारंटी नहीं है।

3. ईरान पहले से तैयार

ईरान ने अपने हथियार और सैन्य ठिकाने अलग-अलग जगह फैला रखे हैं। इसलिए कुछ एयरस्ट्राइक से बड़ा नुकसान पहुंचाना आसान नहीं है।

4. बड़ा असर चाहिए तो लंबी जंग होगी

अगर अमेरिका सच में ईरान की सैन्य क्षमता तोड़ना चाहता है, तो उसे लंबे समय तक बहुत ज्यादा ठिकानों पर हमला करना होगा। अभी के हमले उस स्तर के नहीं हैं।

जंग के बीच कच्चा तेल सस्ता हुआ

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बावजूद गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। ब्रेंट क्रूड 1.42% गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI क्रूड 0.66% टूटकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में ब्रेंट करीब 8% और WTI 6.5% से ज्यादा उछला था।

केश्म में मलबे में दबे 3 लोगों की तलाश जारी

ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद मलबे में दबे तीन लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाए गए दोनों घायल बच्चे हैं।

जिस इमारत पर हमला हुआ, उसमें पांच लोगों का परिवार रहता था। बाकी तीन सदस्यों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

ईरान पर अमेरिका की स्ट्राइक पूरी

CENTCOM ने कहा है कि ईरान पर उसकी स्ट्राइक पूरी हो गई है।हमलों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, तटीय रक्षा केंद्रों और समुद्री सैन्य क्षमताओं से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।

CENTCOM के अनुसार, इन हमलों का मकसद अमेरिकी सैनिकों, व्यापारिक जहाजों और खाड़ी देशों पर मंडरा रहे खतरे को कम करना है।

ईरान के केश्म द्वीप पर रिहायशी इमारत पर हमला

अमेरिकी हमले में केश्म द्वीप पर एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया। हमले के बाद इमारत के मलबे में दो लोगों के फंसे होने की सूचना है।

होर्मोजगान प्रांत के उप-गवर्नर ने बताया कि इमारत दुश्मन के प्रोजेक्टाइल की चपेट में आई। फंसे लोगों को निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

ईरान के अबादान में हमले, बंदर अब्बास में भी धमाकों की आवाजें

ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने खुजेस्तान प्रांत के अबादान में कुछ ठिकानों को निशाना बनाया है।

IRIB ने बताया कि बंदर अब्बास में दो धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा अबू मूसा, किश और केश्म द्वीपों पर भी इसी तरह के विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की सूचना है।

 

ईरान के बुशेहर प्रांत में धमाकों की खबर

IRIB के मुताबिक, बुशेहर प्रांत में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इसी प्रांत में ईरान का एकमात्र परमाणु बिजलीघर स्थित है।

फिलहाल धमाकों के कारण, नुकसान या किसी संभावित हमले को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकारी मीडिया ने सिर्फ धमाकों की पुष्टि की है और कहा है कि अधिक जानकारी का इंतजार है।

 

US ने ईरान पर हमले शुरू किए

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के खिलाफ (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 5:30 बजे) सैन्य कार्रवाई शुरू की। यह जानकारी सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी।

सेंटकॉम के मुताबिक, ये हमले एक दिन पहले मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिशों के जवाब में की गई शक्तिशाली कार्रवाई हैं

ट्रम्प बोले- अब ईरान पर हमले की हमारी बारी

ट्रम्प ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए हमले के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर “बहुत जोरदार हमला” करेगा, क्योंकि “अब हमारी बारी है।”

ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि अमेरिका इस हमले का जवाब देगा।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER