TIO प्रयागराज
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य की ओर से दाखिल याचिका में रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने आदेश को निरस्त करने के साथ ही अंतिम निर्णय तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की भी मांग की थी।
याचिका में कहा गया था कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 1205 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और 162 कर्मचारी कार्यरत हैं। यदि भवनों को ध्वस्त किया जाता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, जबकि शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की आजीविका भी प्रभावित होगी।
इस मामले में राज्य सरकार, मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर, रामपुर विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत रामपुर के अपर मुख्य अधिकारी तथा क्षेत्र पंचायत सैदनगर को प्रतिवादी बनाया गया था। हालांकि, अपीलीय अदालत से अंतरिम राहत मिलने के बाद ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में लंबित अपनी याचिका वापस ले ली।







