TIO तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी

अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा समझौता होने की खबर है। एक्सियोस न्यूज के मुताबिक, दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम समझौते के बेहद करीब हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समझौते के तहत होर्मुज को फिर से खोला जाएगा, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। ईरान इस दौरान होर्मुज में लगाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत हो सकता है।

इसके बदले अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी रोक में ढील देगा और कुछ प्रतिबंधों में राहत देकर ईरान को खुलकर तेल बेचने की इजाजत दे सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में ईरान यह वादा भी करेगा कि वह कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही यूरेनियम एनरिच्ड प्रोग्राम को सीमित करने और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत होगी।

  1. अमेरिका ईमानदार नहीं- ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने आसिम मुनीर से मुलाकात में कहा कि अमेरिका ईमानदारी नहीं दिखा रहा, ईरान अपने अधिकारों पर समझौता नहीं करेगा।
  2. ईरान वार्ता में इजराइल की भूमिका घटी- न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ट्रम्प सरकार ने ईरान वार्ता में इजराइल की भूमिका सीमित कर दी, जिससे प्रधानमंत्री नेतन्याहू को बड़ा राजनीतिक झटका लगा।
  3. ट्रम्प की बेटी को हत्या की धमकी- FBI ने इवांका ट्रम्प को कथित हत्या की धमकी देने वाले इराकी नागरिक मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी को गिरफ्तार किया है।
  4. अमेरिका बढ़ा-चढ़ा बात कर रहा- रूसी अधिकारी मिखाइल उल्यानोव ने कहा कि अमेरिका ईरान वार्ता का डेवलपमेंट बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा, जबकि असली हालात उतने सकारात्मक नहीं हैं।
  5. भारत में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा- मिडिल ईस्ट संकट और क्रूड ऑयल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतें फिर बढ़ीं, दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 और डीजल ₹92.49 पहुंचा।

अमेरिका-ईरान समझौता करीब, 60 दिन के युद्धविराम की तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा समझौता होने की खबर सामने आई है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम विस्तार वाले समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समझौते के तहत होर्मुज को फिर से खोला जाएगा, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। ईरान इस दौरान होर्मुज में लगाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत हो सकता है।

इसके बदले अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी रोक में ढील देगा और कुछ प्रतिबंधों में राहत देकर ईरान को खुलकर तेल बेचने की इजाजत दे सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में ईरान यह वादा भी करेगा कि वह कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही यूरेनियम एनरिच्ड प्रोग्राम को सीमित करने और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत होगी।

इस समझौते में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष खत्म करने की बात भी शामिल बताई गई है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर हिजबुल्लाह हमला करता है, तो इजराइल को जवाबी कार्रवाई की अनुमति होगी।

फ्रांस ने इजराइली मंत्री बेन-गवीर की एंट्री पर बैन लगाया

फ्रांस ने इजराइल के कट्टरपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर की अपने देश में एंट्री पर रोक लगा दी है। यह फैसला उस वीडियो के बाद लिया गया, जिसमें बेन-गवीर फ्लोटिला कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाते दिखाई दिए थे।

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने कहा कि बेन-गवीर का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था और फ्रांस अपने नागरिकों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली नौसेना ने इस हफ्ते साइप्रस के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला के जहाजों को रोक लिया था। इन जहाजों में करीब 430 कार्यकर्ता सवार थे।

बाद में कई कार्यकर्ताओं को रिहा किया गया। रिहा हुए लोगों ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ कार्यकर्ता आंखों पर पट्टी और हाथ बंधे हुए जमीन पर बैठे दिखाई दिए। इस वीडियो के बाद फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, कनाडा और स्पेन समेत कई देशों ने इजराइल के राजदूतों को तलब कर विरोध जताया।

फ्लोटिला आयोजकों ने दावा किया है कि हिरासत के दौरान कम से कम 15 यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए। आरोपों में जबरन कपड़े उतरवाना, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

लेबनान पर इजराइल के हवाई हमले, 20 की मौत

इजराइल ने लेबनान में एक बार फिर बड़े हवाई हमले किए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, टायर शहर के उत्तर में अल-बाकबूक इलाके पर इजराइली एयरस्ट्राइक में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई। मलबे से चार शव निकाले गए, जबकि एक महिला का शव अभी भी दबा हुआ है।

नबातियेह जिले के सेइर अल-घरबिया कस्बे में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में नौ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। राहत टीमें अभी भी मलबा हटाकर लोगों को निकालने में जुटी हैं।

रिपब्लिकन नेता ने ट्रम्प से ईरान डील ठुकराने की अपील की

अमेरिका में ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने कहा है कि वे अमेरिका और ईरान के बीच सामने आ रही डील की शर्तों को लेकर गहरी चिंता में हैं।

टेड क्रूज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रम्प का ईरान पर हमला करने का फैसला उनके दूसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा फैसला था और इससे अमेरिका को बड़ी सैन्य सफलता मिली।

लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस युद्ध का नतीजा यह होता है कि ईरान की मौजूदा सरकार और मजबूत हो जाए, उसे अरबों डॉलर मिलें, वह यूरेनियम संवर्धन जारी रखे और परमाणु हथियार बनाने की क्षमता बनाए रखे, तो यह अमेरिका की बड़ी गलती होगी।

ट्रम्प बोले- आज तय करूंगा, हमला करूं या नहीं

ट्रम्प ने कहा है कि अपने टॉप सलाहकारों के साथ बैठक और ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा करूंगा। इसके बाद रविवार तक यह फैसला लिया जा सकता है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करनी है या नहीं।

ट्रम्प ने बताया कि बैठक में उनके दूत स्टीव विटकॉफ, सलाहकार जैरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल होंगे। इसमें ईरान की ताजा प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

इससे पहले शनिवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि युद्ध खत्म करने को लेकर किसी शुरुआती समझौते की संभावना बन सकती है। यह संकेत कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में तेहरान में हुई बातचीत के बाद सामने आया।

पाकिस्तानी पीएम ने ट्रम्प की तारीफ की

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रम्प की शांति कोशिशों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने क्षेत्र में शांति कायम करने के लिए असाधारण प्रयास किए हैं।

शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर बताया कि ट्रम्प ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, UAE, जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण फोन कॉल की।

उन्होंने कहा कि इस बातचीत में पाकिस्तान की ओर से सेना प्रमुख आसिम मुनीर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पूरी ईमानदारी के साथ शांति की कोशिशें जारी रखेगा और उम्मीद है कि अगली दौर की वार्ता जल्द पाकिस्तान में हो सकती है।

रिपोर्ट- ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम छोड़ने के लिए तैयार

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ईरान युद्ध खत्म करने के लिए अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भंडार छोड़ने को तैयार हो गया है। ईरान ने अमेरिका से कहा है कि वह अपने पास जमा इस यूरेनियम को हटाने पर सहमत है। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि इसे कैसे और कहां भेजा जाएगा। इस पर आगे बातचीत होगी।

ईरान के पास इस समय 400 किलो से ज्यादा ऐसा यूरेनियम है, जिसे और ज्यादा तैयार करके परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इजराइल का कहना है कि यह मात्रा करीब 11 परमाणु बम बनाने के लिए काफी हो सकती है। इसी वजह से इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करता रहा है।

कुछ दिन पहले खबर आई थी कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने आदेश दिया था कि यह यूरेनियम देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा। लेकिन अब नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान समझौते के तहत इसे छोड़ने के लिए तैयार हो सकता है।

अमेरिकी सांसद का ट्रम्प पर तंज, कहा- समझौता करना था तो युद्ध क्यों किया

अमेरिका में ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम ने राष्ट्रपति ट्रम्प की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर आखिर में समझौता ही करना था, तो फिर युद्ध शुरू क्यों किया गया।

लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर ईरान के साथ समझौता इसलिए किया जा रहा है क्योंकि होर्मुज को ईरानी हमलों से सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, तो इससे ईरान की ताकत और बढ़ी हुई दिखाई देगी।

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया यह मान लेती है कि ईरान किसी भी समय होर्मुज को प्रभावित कर सकता है और खाड़ी देशों के तेल ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है, तो इससे मिडिल ईस्ट में ताकत का संतुलन बदल जाएगा।

ग्राहम ने चेतावनी दी कि लंबे समय में यह स्थिति इजराइल के लिए बुरा सपना साबित हो सकती है।

लिंडसे ग्राहम उन नेताओं में शामिल रहे हैं जो लगातार अमेरिका से ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई करने की मांग करते रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में दबाव बनाने से रोका नहीं जा सकता।

ट्रम्प के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- होर्मुज पर कंट्रोल नहीं छोड़ेंगे

ईरान ने ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि संभावित शांति समझौते के तहत होर्मुज पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता करीब है और इसके तहत होर्मुज फिर से खोल दिया जाएगा।

लेकिन ईरानी फार्स न्यूज एजेंसी ने सरकारी अधिकारी का बयान जारी कर कहा कि अगर समझौता होता भी है, तब भी होर्मुज ईरान के कंट्रोल में ही रहेगा।

ईरान ने यह भी कहा कि उसने जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले के स्तर तक बहाल करने पर सहमति जताई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पहले जैसी पूरी तरह ‘फ्री पैसेज’ की स्थिति होगी।

ट्रम्प का बड़ा दावा- ईरान से समझौता लगभग तय

ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते को लेकर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समझौते का मसौदा काफी हद तक तैयार हो गया है और अब सिर्फ अंतिम मंजूरी बाकी है।

ट्रम्प ने बताया कि इस समझौते में होर्मुज को फिर से खोलने का मुद्दा भी शामिल है। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

उन्होंने कहा कि समझौते के कुछ अंतिम पहलुओं और शर्तों पर अभी बातचीत चल रही है, जिनका जल्द ऐलान किया जाएगा।

ट्रम्प ने यह बयान कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, जॉर्डन, मिस्र, तुर्किये और बहरीन के नेताओं व अधिकारियों के साथ फोन पर बातचीत के बाद दिया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी अलग से इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से भी बात हुई।

रिपोर्ट: अमेरिका-ईरान होर्मुज खोलने के लिए तैयार

अमेरिका और ईरान होर्मुज को खोलने के लिए तैयार हो गए हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश सबसे पहले सीजफायर को 60 दिन के लिए और आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान होर्मुज को धीरे-धीरे खोला जा सकता है। FT ने यह जानकारी मध्यस्थों और बातचीत से जुड़े लोगों के हवाले से दी है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को लेकर भी बातचीत शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जाएगा।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग और सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा था। ऐसे में अगर स्ट्रेट फिर सामान्य रूप से खुलता है तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों को राहत मिल सकती है।

वहीं, ईरान का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार लंबे समय से अमेरिका और पश्चिमी देशों की सबसे बड़ी चिंता रहा है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता के करीब पहुंच रहा है, जबकि तेहरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ नागरिक और ऊर्जा जरूरतों के लिए है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER