शशी कुमार केसवानी

नमस्कार दोस्तों आइए आज बात करते है एक ऐसी शख़्िसयत की जिसने अपनी पहचान अपने दम पर बनाई है। राज्यसभा में महिलाओं के अधिकारों के लिए बुलंद आवाज में मुद्दे उठाए। जी हां मैं बात कर रहा हूं पूर्व राज्यसभा सदस्य व शिवसेना (क्चञ्ज) नेत्री की। मेरी मुलाकात 2017 से है। कोरोना काल के समय 2020 में उन्होंने ञ्जढ्ढह्र के लिए विशेष वीडियो भी बनाया था। मेरा संपर्क उनसे लगातार रहता है। पिछले दिनों उन्होंने एक लंच का आयोजन अपने दिल्ली आवास में किया था जिसमें इत्तेफाक से मैं जा नहीं सका। पर देश के कई जाने माने पत्रकारों के अलावा कई गणमाण्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रियंका से जब भी बात होती है उनकी हर बात में देश की और आम जनता के हितों की बात रहती है। मेरे कई सांसदों से संपर्क लगातार रहते है पर वे कई तरह की बातें करते हैं। पर प्रियंका हमेशा अपने मुद्दे पर बात करती है। यहीं कारण है कि प्रियंका को बाकी नेताओं से अलग बनाता है। खासतौर पर महिलाओं के मुद्दों पर और देश की नीतियों पर संसद में जिस तरह से वे बात करती थाी कई पुराने सांसद भी उतनी एकाग्रता और शालीनता के साथ अपनी बात नहीं रख पाते है। सांसद में उनकी विदाई भी बड़ी भावनात्मक रही। मेरी कई सांसदों से बात हुई थी तो सबने लगभग एक सी ही बात कहीं कि प्रियंका का नजरिया हमेशा साफ रहता था और जो बात कहना होती थी व स्पष्ट शब्दों में कह देती थी। आज ही उन्होंने एक बातचीत में उन्होंने हमारे सवालों के जवाब दिए उन्होंने बताया मैं महिलाओं से जुड़े मुद्दे और देशहित से जुड़े मुद्दे पर बात करती रहंूगी चाहे वो वीडियों के माध्यम से हो या पूर्व संसाद की हैसियत से लगातार लिखती रहूंगी। संसद के तो तीन या चार सत्र होते थे पर अब लगातार मुद्दों पर बात की जाएगी। चाहे वो आपके जरिए या अन्य माध्यमों से अपनी बात को पुरजोर तरीके से रखा जाएगा। तो आइए आज जानते है ऐसी शख़्िसयत से जुड़ी कुछ बातें और कुछ तस्वीरें।

राज्यसभा से मिली विदाई पर प्रियंका चतुर्वेदी हुई भावुक

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पीएम मोदी के साथ तस्वीर शेयर कर सम्मानजनक विदाई के लिए आभार जताया । शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी की राज्यसभा से विदाई हो चुकी है। प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी विदाई समारोह के यादगार पलों की एक तस्वीर इंस्टा पर शेयर की है। इस तस्वीर में वह पीएम मोदी के साथ दिखाई दे रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए सम्मानजनक विदाई क्षण का जिक्र किया। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जब खुद प्रधानमंत्री संसद से विदाई देते हैं, तो यह उनके लिए बेहद खास और यादगार पल बन जाता है। धन्यवाद सर, यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं विपक्ष में बैठते हुए भी देश के लिए खड़ी रहूंगी, देश के लिए आवाज उठाती रहूंगी और राष्ट्रहित में बोलती रहूंगी। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 18 मार्च 2026 को राज्यसभा से विदाई के दौरान एक भावनात्मक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल के लिए सहयोगियों और मीडिया को धन्यवाद दिया। उन्होंने मैं फिर आऊंगी कहते हुए अपनी वापसी का संकेत दिया और प्रधानमंत्री मोदी और सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए विपक्ष की बात रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शालीनता के लिए संसद में प्रियंका चतुर्वेदी के नाम की हमेशा मिसाल दी जाएगी।

राजनीति के अलावा ब्लॉग करना हैं ज्यादा पसंद

पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी महिलाओं के मुद्दे पर अक्सर मुखर रहती है. उन्होंने बहुत कम समय में राजनीति में अपनी अच्छी खासी जगह बना ली है. प्रियंका राजनीति में आने के 10 सालों के अंदर ही संसद की कुर्सी तक पहुंच गई. आईये जानते हैं उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें…
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी एक बार फिर सुर्खियों में है. उन्होंने उज्जैन वाले मामले में बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर और आलिया भट्ट का समर्थन किया है. साथ ही पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कलाकारों से नफरत की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है. यूं तो प्रियंका चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश की रहने वाली है. हालांकि वह मुबंई में पली-बढ़ी. उनका जन्म 19 नवंबर 197८ को हुआ था. उन्होंने 1995 में सेंट जोसेफ हाई स्कूल से पढ़ाई की. जिसके बाद नरसी मंूजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, विले पार्ले से वाणिज्य में बैचलर डिग्री ली. प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर की थी. हालांकि बाद में आपसी मतभेद की वजह से उन्होंने शिवसेना का दामन थाम लिया. प्रियंका चतुर्वेदी शादीशुदा है, उनके पति का नाम विक्रम चतुर्वेदी है. दोनों के दो बच्चे हैं. राजनीति के साथ-साथ प्रियंका अपने बच्चे के साथ समय बिताना पसंद करती हैं. प्रियंका को ब्लॉग करना काफी ज्यादा पसंद है. उनका ब्लॉग देश के टॉप टेन ब्लॉग्स में शुमार है. वह तब सबसे ज्यादा सुर्खियों में आई, जब गोल्डमेन सेक फाउंडेशन फॉर वूमेन एंटरप्रेन्योर्स ने उन्हें दुनिया भर से चुनी गई महिलाओं को एक सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए चुना था.
देश में कई महिलाएं राजनीति में आती है। पार्षद से लेकर सांसद तक बन जाती है। कई महिलाएं मंत्री भी बनती है। पर मैं राजनीति की चंद महिलाओं से बहुत प्रभावित रहा हूं उनमें से प्रियंका चतुर्वेदी एक है। एक तो हमेशा शालीनता से बोलती है कपड़े बहुत ही शालीन रहते है और इन सबसे बात कि उनकी भाषा बहुत सभ्य और सटीक रहती है। एक राजनीतिक होने के साथ-साथ लोगों से भावनात्मक तौर पर जुड़ जाती है। खासतौर पर महिलाओं पर हो रहे जुर्म और अपराधों को लेकर हमेशा अपनी बुलंद आवाज में संसद से लेकर सडक़ तक अपनी बात रखने में काफी सक्षम है। मेरी दिल्ली के कई पत्रकारों मित्रों से बात होती है तो वे हमेशा प्रियंका की तारीफ ही करते है। मुंबई में भी लेागों का अलग ही प्रियंका से जुड़ाव है यही कारण है कि उन्हें बाकी राजनीतिक लोगों से अलग पहचान मिलती है। राज्यसभा में जिन मु्द्दों पर बात की वे हमेशा याद रखे जाएंगे। लगातार सरकार को पत्र लिखते रहना उनका स्वभाव है। सही बात को सही कहने का साहस रखती है गलत बात को गलत कहने में कभी नहीं झिझकती। कई सांसदों की खुलकर तारीफ करती है इतना बड़ा दिल सब लोग नहीं कर पाते कि साथ के सांसद की खुलकर तारीफ की जा सके।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER