TIO भोपाल

भोपाल में कांग्रेस सामूहिक उपवास कर रही है। वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दफ्तर के बाहर संघ की ड्रेस टांग दी। दिल्ली में नेताओं ने EC से शिकायत कर दी है।

आयोग दफ्तर से बाहर आने के बाद कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला गलत है और कानून के मुताबिक नहीं है। जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसका कानून में कोई प्रावधान नहीं है।

मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था, जिसका उन्हें खुलासा करना पड़ता। कोर्ट ने सिर्फ एक नोटिस भेजा था। इसमें मीनाक्षी नटराजन से पूछा गया था कि मामले में आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं।

उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में सबसे पहले मजिस्ट्रेट यह तय करते हैं कि मामले की सुनवाई शुरू होगी या नहीं। इसे संज्ञान लेना कहा जाता है। जब तक संज्ञान नहीं लिया जाता, तब तक आपराधिक मामला शुरू नहीं माना जाता।

सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को सिर्फ उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है, जिनमें दो साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान हो और जिनमें अदालत आरोप तय कर चुकी हो। यह देखना रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी होती है।

सिंघवी ने कहा कि इस मामले में अभी मजिस्ट्रेट ने संज्ञान भी नहीं लिया है। इसके बाद जांच होगी, चार्जशीट दाखिल होगी और फिर आरोप तय होंगे। यानी अभी कई कानूनी प्रक्रियाएं बाकी हैं। इसके बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने इसे लंबित आपराधिक मामला मानकर नामांकन रद्द कर दिया।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER