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भोपाल का बड़ा तालाब फुल हो गया है।

भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल तक भर गया है। इसके बाद शनिवार सुबह 10.35 बजे महापौर मालती राय और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पूजा-अर्चना की और इसके बाद भदभदा डैम के गेट खोले गए। गेट खोलने से पहले साइरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया गया। इसके बाद एक-एक कर दो गेट खोले गए, जिनमें से फिलहाल एक को बंद कर दिया गया है।

भोपाल का बड़ा तालाब फुल हो गया है। - Dainik Bhaskar

बता दें पिछले 23 साल में यह दूसरा मौका है, जब सितंबर महीने में भदभदा डैम के गेट खोले गए। इससे पहले वर्ष 2003 में सितंबर में गेट खोले गए थे। वहीं, पिछले साल भारी बारिश के कारण 2 अगस्त को ही गेट खोलने पड़े थे।

गेट खोलने से पहले लोगों को अलर्ट किया गया।
गेट खोलने से पहले लोगों को अलर्ट किया गया।

एसआई भगवान दास तिवारी ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से डैम पर पुलिस बल तैनात किया गया है। कंट्रोल रूम से अतिरिक्त जवान भी बुलाए गए हैं और आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद लोग परिवार सहित डैम के गेट खुलते देखने पहुंच रहे हैं।’

दरअसल, कैचमेंट एरिया और सीहोर जिले में बारिश होने से शुक्रवार शाम तक बड़ा तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया था। वहीं, रात में लगातार पानी बढ़ता गया। शनिवार सुबह तक फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट तक लेवल आ गया। इसके बाद डैम प्रबंधन ने गेट खोलने का निर्णय लिया। गेट से निकला पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंच रहा है, जिससे वहां भी गेट खोले जाने की संभावना है। वहीं, केरवा डैम में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

पिछले साल जुलाई-अगस्त में ही ये सभी डैम लबालब भर गए थे, लेकिन इस बार अगस्त सूखा रहा। यही कारण है कि भदभदा, केरवा, कलियासोत और कोलार डैम के गेट अब तक नहीं खोले जा सके थे।

महापौर मालती राय ने पूजा-अर्चना की और इसके बाद भदभदा डैम के गेट खोले गए।
महापौर मालती राय ने पूजा-अर्चना की और इसके बाद भदभदा डैम के गेट खोले गए।

बड़ा तालाब भरने से 2 डैम के खुलते हैं गेट कोलांस नदी जब उफान पर रहती है तो बड़ा तालाब में पानी जमा होता है। जब बड़ा तालाब पूरा भर जाता है तो भदभदा डैम के गेट खोले जाते हैं। यह पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचता है। जिससे इस डैम का लेवल भी बढ़ जाता है और फिर इसके गेट भी खुल जाते हैं।

भोपाल के इन डैमों में इतना पानी

  • कोलार डैम: इसका वाटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1506.82 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है। कोलार डैम से ही भोपाल शहर के 40% हिस्से में पानी की सप्लाई की जाती है। पिछली बार जुलाई में इसके गेट खोलने पड़े थे।
  • केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक करीब 1666.60 फीट पानी आ चुका है। तेज बारिश होने के बाद डैम में पानी का लेवल बढ़ जाएगा।
  • कलियासोत डैम: डैम का अभी वाटर लेवल लगभग 1649.67 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659.02 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी करीब 9 फीट खाली है। बड़ा तालाब के गेट खुलने पर कलियासोत डैम में पानी आएगा और गेट खुल जाएंगे।

3 लाख आबादी की प्यास बुझाता है बड़ा तालाब बड़ा तालाब को शहर की लाइफ लाइन कहा जाता है। इसकी वजह यह वाटर लेवल तो बेहतर रखता ही है। साथ में बड़ी आबादी की प्यास भी बुझाता है। बड़ा तालाब से हर दिन पुराने शहर समेत बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) समेत आसपास के इलाकों की 3 लाख से ज्यादा आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है। 20% से ज्यादा इलाकों में पानी पहुंचता है। बड़ा तालाब से हर रोज 25 MGD (मिलियन गेलन पानी प्रतिदिन) सप्लाई होता है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER