TIO पुरी

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जा रही है। यात्रा में संदेशों वाली झांकियां भी शामिल हैं। इस बार हाथियों को पैर में जंजीरों से बांधकर लाया गया और खड़िया पोल पर आते ही लोगों को सड़क से हटा दिया गया। पिछले साल रथ यात्रा के दौरान 3 हाथी बेकाबू हो गए थे।
सुबह जामालपुर जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। सुबह 7 बजे रथयात्रा निकली। सीएम भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोने की झाड़ू से रथ के आगे सफाई कर यात्रा को रवाना किया।
ओडिशा के पुरी में भगवानों को रथों पर विराजमान किया जाएगा। गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव सोने की झाड़ू से रथों की सफाई करेंगे। शाम 4 बजे श्रद्धालु 3 किमी दूर गुंडिचा मंदिर तक रथ खींचेंगे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।



पुरी रथयात्रा में बारिश के बीच पहुंच रहे श्रद्धालु….

पहले जानिए 2 सबसे बड़ी रथ यात्राओं के बारे में
अहमदाबाद: रथयात्रा मार्ग पर लोग जर्जर इमारतों में मौजूद
पुरी: भगवान जगन्नाथ की मिनिएचर मूर्ति मंदिर प्रशासन को दी गई

पुरी में मिनिएचर आर्टिस्ट के विजय कुमार रेड्डी ने भगवान जगन्नाथ के कागज की मिनिएचर मूर्ति बनाकर मंदिर प्रशासन को दी।
रथयात्रा में इस बार हाथियों के पैर बंधे हुए हैं। वे दौड़ नहीं सकते। हर हाथी पर निगरानी कैमरे लगे हैं। दरअसल पिछले साल 27 जून को अहमदाबाद की रथयात्रा में डीजे की तेज आवाज से डरकर तीन हाथी बेकाबू हो गए थे। हाथियों के अचानक सड़क पर दौड़ने से खड़िया इलाके में भगदड़ मच गई थी, जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे।
तेज बारिश के बावजूद पुरी रथयात्रा में शामिल होने पहुंच रहे श्रद्धालु







