TIO नई दिल्ली

चुनाव आयोग से मिलने कई पार्टियों के नेता पहुंचे थे। इनमें कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी, CPI के डी राजा, राजद के मनोज झा शामिल हुए।

चुनाव आयोग से मिलने कई पार्टियों के नेता पहुंचे थे। इनमें कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी, CPI के डी राजा, राजद के मनोज झा शामिल हुए। – Dainik Bhaskar
चुनाव आयोग से मिलने कई पार्टियों के नेता पहुंचे थे। इनमें कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी, CPI के डी राजा, राजद के मनोज झा शामिल हुए।
विपक्षी INDIA ब्लॉक ने बिहार में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में संशोधन को ‘वोटबंदी’ का नाम दिया है। INDIA ब्लॉक के 11 दलों के प्रतिनिधिमंडल ने इसे लेकर बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की थी।
INDIA गुट चुनाव आयोग के सामने अपनी चिंताएं साझा करना चाहते थे, लेकिन इस मुलाकात से विपक्षी नेता खुश नजर नहीं आए।
CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, ‘चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद हमारी चिंताएं और भी बढ़ गई हैं, क्योंकि आयोग ने हमारे किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दिया।’
कांग्रेस बोली- बिहार में ‘वोटबंदी’ हमारे लोकतंत्र को खत्म कर देगी
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने X पोस्ट में लिखा- ‘आज INDIA गठबंधन के प्रतिनिधियों ने बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर चुनाव आयोग से मुलाकात की। आयोग को यह बैठक मजबूरी में करनी पड़ी, क्योंकि पहले उन्होंने मिलने से मना कर दिया था। आयोग ने हर पार्टी से सिर्फ दो प्रतिनिधियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी। मुझे भी करीब दो घंटे वेटिंग रूम में बैठना पड़ा।’
उन्होंने आगे लिखा- ‘पिछले 6 महीनों में चुनाव आयोग (ECI) ने जिस तरह से काम किया है, उसने हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली की बुनियाद को ही कमजोर कर दिया है। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। यह विपक्ष की सुनवाई की मांग को बार-बार यूं ही नकार नहीं सकता। इसे संविधान के सिद्धांतों और प्रावधानों का पालन करना ही होगा।’
जैसे प्रधानमंत्री की नवंबर 2016 की ‘नोटबंदी’ ने हमारी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया था, वैसे ही चुनाव आयोग की ‘वोटबंदी’- जो बिहार और अन्य राज्यों में SIR के रूप में दिख रही है- हमारे लोकतंत्र को खत्म कर देगी।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER