TIO, ढाका
बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने देश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के कारण हालात और खराब होते जा रहे हैं। एक सैन्य कार्यक्रम में जनरल जमान ने कहा, ‘जो अराजकता हमने देखी है, वह हमारी खुद की बनाई हुई है।’ उन्होंने पुलिस बल की अक्षमता पर भी सवाल उठाए और बताया कि कई अधिकारी डर में जी रहे हैं, क्योंकि उनके साथी या तो जेल में हैं या उन पर मुकदमे चल रहे हैं।
‘बांग्लादेश की संप्रभुता पर खतरा’
सेना प्रमुख ने कहा कि देश में राष्ट्रीय एकता और अनुशासन की सख्त जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज में झगड़े और खून-खराबा जारी रहा तो देश की स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा, ‘अगर आप आपसी मतभेद भुलाकर एक नहीं हुए और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे, तो देश का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।’
आॅपरेशन ‘डेविल हंट’ में 8,600 गिरफ्तार
बीते कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंसा, तोड़फोड़ और दंगे बढ़ गए हैं। फरवरी में हालात इतने खराब हो गए थे कि सुरक्षा बलों को आॅपरेशन डेविल हंट नाम से एक बड़ा अभियान चलाना पड़ा। इसमें 8,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। अंतरिम सरकार का कहना है कि ये लोग देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे।
हसीना सरकार के पतन के बाद सेना को मिले विशेष अधिकार
पिछले अगस्त में छात्र आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी, जिसके बाद सेना को पुलिस जैसी गिरफ्तारी और न्यायिक शक्तियां मिल गई थीं। इस दौरान सेना पर गायब करने, हत्या और यातना के आरोप भी लगे। जनरल जमान ने कहा कि इन आरोपों की जांच जरूरी है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, ‘नहीं तो हम फिर से उसी चक्र में फंस जाएंगे।’
अंतरिम सरकार और चुनाव पर बयान
सेना प्रमुख ने लोगों से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि आगामी चुनाव 2025 के अंत या 2026 की शुरूआत में कराए जाएंगे। इस बीच, छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता नाहिद इस्लाम ने अंतरिम सरकार से इस्तीफा दे दिया है। वे अब 28 फरवरी को एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने वाले हैं।