TIO नई दिल्ली

 

अबू धाबी में डेजर्ट सफारी टूरिस्ट्स की टू डू लिस्ट में शामिल होती है। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की इंडिया टूरिज्म डेटा कॉम्पेंडियम रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टूरिस्ट्स में स्लो-ट्रैवल का एक नया ट्रेंड उभर रहा है।

इसमें टूरिस्ट्स कम समय में ज्यादा जगह घूमने (फ्लैश ट्रिप्स) के बजाय अब किसी स्थान विशेष पर लंबा समय बिता रहे हैं, ताकि स्थानीय जीवन, संस्कृति और अनुभव को गहराई से महसूस कर सकें।

रिपोर्ट बताती है कि मध्य पूर्व जाने वाले भारतीयों की हिस्सेदारी एक साल में 33% से बढ़कर 36% हो गई है। दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय पर्यटकों की करीब 25% बढ़ोतरी हुई है।

साल 2024 में 3.09 करोड़ भारतीय विदेश गए और विदेश में रहने का एवरेज पीरियड भी 50 दिन से ज्यादा हो गई है।

साल 2023 की तुलना में 30 लाख अधिक यात्रियों ने भारतीय पासपोर्ट पर मुहर लगवाई। साल 2023 में भारतीयों की विदेश में औसत प्रवास अवधि 47 दिन, जबकि एक दशक पहले यानी 2015 में यह 41 दिन थी।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER