TIO, नई दिल्ली

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि चुनाव में उसने मैच फिक्सिंग की तरह से धांधली की। एक अखबार में प्रकाशित लेख साझा करते हुए राहुल गांधी ने चुनाव को प्रभावित करने के पांच चरणों का जिक्र किया है।

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि चुनाव कैसे चुराया जाए? 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली करने का ब्लूप्रिंट था। मेरा लेख दिखाता है कि यह कैसे हुआ? अपने लेख के साथ पांच चरणों को उन्होंने साझा किया। राहुल गांधी ने लिखा कि पहला चरण – चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में धांधली करना, दूसरा चरण- फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ना, तीसरा चरण- मतदान प्रतिशत को बढ़ाना, चौथा चरण – फर्जी मतदान को ठीक वहीं लक्षित करें जहां भाजपा को जीतना है और पांचवां चरण सबूत छिपाना।

राहुल गांधी ने कहा कि यह देखना मुश्किल नहीं है कि भाजपा महाराष्ट्र में इतनी हताश क्यों थी? लेकिन यह धांधली मैच फिक्सिंग की तरह है – जो पक्ष धोखा देता है वह खेल जीत सकता है, लेकिन संस्थानों को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही परिणाम में जनता का विश्वास नष्ट करता है। सभी चिंतित भारतीयों को सबूत देखना चाहिए। खुद फैसला करें। जवाब मांगें। क्योंकि महाराष्ट्र की मैच फिक्सिंग अगली बार बिहार में होगी और फिर वहां जहां भाजपा हार रही होगी।

राहुल गांधी ने पहले चुनाव आयोग पर लगाए थे आरोप
अप्रैल में राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ‘चुनाव आयोग अब निष्पक्ष नहीं रहा, वह समझौता कर चुका है।’ उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2023 के मतदान आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि अंतिम दो घंटे में लाखों वोट पड़ना भौतिक रूप से असंभव है। राहुल ने दावा किया, ‘5:30 बजे तक आयोग ने एक आंकड़ा दिया और फिर 5:30 से 7:30 बजे तक 65 लाख और वोट पड़ गए। अगर एक वोटर को वोट देने में लगभग 3 मिनट लगते हैं, तो इतने कम समय में इतने वोट नहीं पड़ सकते। इसका मतलब ये होता कि आधी रात तक लाइनें लगी थीं, जो कि सच नहीं है।’

महायुति गठबंधन ने जीता था विधानसभा चुनाव
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव महायुति गठबंधन ने जीता था। यहां चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी गठबंधनों के बीच था। जिसमें महायुति ने बाजी मारते हुए 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की। महायुति गठबंधन के तीनों घटक दल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी क्रमश: राज्य की शीर्ष तीन पार्टियां हैं। इसके उलट महाविकास अघाड़ी ने 288 सीटों में से मात्र 46 सीटें ही हासिल कीं। इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी ने सिर्फ 10 ही सीटें विधानसभा चुनाव में जीतीं।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER