TIO नई दिल्ली

पीएम मोदी ने सोमवार को संसद के परिसर में 10 मिनट तक मीडिया के सामने अपनी बात रखी। - Dainik Bhaskar
पीएम मोदी ने सोमवार को संसद के परिसर में 10 मिनट तक मीडिया के सामने अपनी बात रखी।

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा किया और कई सांसद वेल तक पहुंच गए। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

उधर, राज्यसभा में नए सभापति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया गया। पीएम ने उनका अभिवादन किया।

सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने मीडिया से 10 मिनट बात की। उन्होंने कहा, ‘ हाल के चुनाव में हार के बाद विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकलकर आए और सदन में मजबूत मुद्दे उठाए। अगर विपक्ष चाहे तो मैं उन्हें टिप्स देने के लिए तैयार हैं कि कैसे परफॉर्म किया जाए।

उन्होंने कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए।

पीएम के बयान पर कांग्रेस ने कहा, ‘पीएम का यह बयान महज पाखंड हैं। जो सबसे बड़ा ड्रामेबाज़ है, वही ड्रामा की बात कर रहा है।’ शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिन के सत्र में 15 बैठकें होंगी। इस दौरान एटॉमिक एनर्जी बिल समेत 10 नए बिल पेश हो सकते हैं।

तंबाकू और पान मसाला पर सेस के लिए दो बिल पेश किए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो अहम बिल पेश किया। दोनों बिल उन उत्पादों पर नई कर व्यवस्था से जुड़े हैं, जिन पर अभी जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस लगता है- जैसे सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला।

इसके जरिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक्ट, 1944 में संशोधन कर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद एक्साइज ड्यूटी के जरिए राजस्व संग्रह जारी रखा जाएगा। इसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 नाम दिया गया है।

वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी पेश किया। नया सेस उन उत्पादों पर लगेगा जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम माना जाता है। पान मसाला जैसे उत्पादों पर यह सेस लगाया जाएगा।

तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक उत्पादों पर अभी 28% जीएसटी लगता है। क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद, तंबाकू और संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 40% GST और उत्पाद शुल्क लगेगा, जबकि पान मसाला पर 40% GST और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगेगा।

केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन बिल में सिगार/चुरूट/सिगरेट पर 5,000 रुपए से लेकर 1,000 स्टिक पर 11,000 रुपए तक उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, इसमें कच्चा तंबाकू पर 60-70% और निकोटीन और सूंघने वाले उत्पादों पर 100% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है।

अभी सिगरेट पर कीमत के अनुसार 5% क्षतिपूर्ति सेस और 1,000 स्टिक पर 2,076-3,668 रुपए का सेस लगता है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER