TIO नई दिल्ली

ऑपरेशन सिंदूर पर NCERT (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) ने दो स्पेशल मॉड्यूल जारी किए हैं। इन्हें क्लास 3 से 12 तक के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री मटेरियल के तौर पर शामिल किया गया है।
मॉड्यूल में बताया गया है कि पाकिस्तान भले ही पहलगाम आतंकी हमले में किसी भी तरह से शामिल होने से इनकार करता है, लेकिन यह हमला पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक लीडरशिप के सीधे आदेश पर हुआ था।
ये मॉड्यूल स्कूली बच्चों के बीच भारत की सैन्य शक्ति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के मकसद से बनाए गए हैं। क्लास 3 से 8 के लिए मॉड्यूल का टाइटल ‘ऑपरेशन सिंदूर-वीरता की गाथा’ और 9 से 12 तक के लिए मॉड्यूल का टाइटल ‘ऑपरेशन सिंदूर- सम्मान और बहादुरी का मिशन’ है।
NCERT के स्पेशल मॉड्यूल रेगुलर कोर्स का हिस्‍सा नहीं होते। इसे कोई खास टॉपिक बच्‍चों को समझाने के लिए सप्लीमेंट्री मटेरियल के तौर पर तैयार किया जाता है। इसे पोस्‍टर्स, चर्चाओं और वाद-विवाद के जरिए बच्‍चों को पढ़ाया जाता है।
‘ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में मारे गए लोगों के सम्मान का वादा’ मॉड्यूल में लिखा है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ मिलिट्री ऑपरेशन नहीं, बल्कि शांति की रक्षा और पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के सम्मान का वादा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम मृतकों की विधवाओं के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में चुना गया था।
एक मॉड्यूल में कहा गया है, ‘भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और हवाई हमले किए। 9 में से सात टारगेट को भारतीय सेना ने नष्ट कर दिया। भारतीय वायु सेना ने मुरीदके और बहावलपुर में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया, जो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के सेंटर हैं।’
मॉड्यूल में यह भी बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को रोकने का भारत का तरीका भी था। NCERT ने सरकार के इस रुख को दोहराया है कि भारत ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को POK और पाकिस्तान की टेरर साइट्स को टारगेट किया था। इसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे। इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच 10 मई तक संघर्ष की स्थिति बन गई थी।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER