TIO भुवनेश्वर

आयकर विभाग (आईटी) ने गुरुवार सुबह ओडिशा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दिवंगत नवकिशोर दास से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई उनके कार्यकाल के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों से संबंधित है।
छापेमारी में ओडिशा के झारसुगुड़ा, संबलपुर, भुवनेश्वर और दिल्ली समेत 19 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में आयकर विभाग की 20 से अधिक टीमें शामिल हैं, जो सुबह 5 बजे से ही विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।

ओडिशा: आयकर विभाग ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नवकिशोर दास से जुड़े ठिकानों पर की छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, संबलपुर के मोदीपाड़ा इलाके में स्थित नवकिशोर दास के पुराने आवास पर भी आयकर विभाग की टीमें तैनात हैं। इसके अलावा, झारसुगुड़ा के भालुपली में डी बार और होटल निकी, जो कथित तौर पर दास से जुड़े हैं, पर भी छापेमारी जारी है। इन स्थानों पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की जा रही है। आयकर विभाग को संदेह है कि इन ठिकानों पर कर चोरी और अघोषित संपत्ति से संबंधित सबूत मिल सकते हैं।
नवकिशोर दास बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नेता थे, जो 2023 में एक सनसनीखेज हत्याकांड में मारे गए थे। वह ओडिशा सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के रूप में कार्यरत थे। कार्यकाल के दौरान उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद से उनकी संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों पर जांच एजेंसियों की नजर थी। सूत्रों का कहना है कि दास के परिवार और उनके करीबी सहयोगियों के कारोबारी लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
छापेमारी के दौरान आयकर विभाग ने कई दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किए हैं, जिनका विश्लेषण कर चोरी और अवैध संपत्ति के स्रोतों का पता लगाया जाएगा। दिल्ली में दास से जुड़े कुछ कार्यालयों और आवासों पर भी तलाशी चल रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार दास की पत्नी दीपाली दास पुरी से लौट रही हैं, जबकि उनका बेटा विशाल दिल्ली में है। आयकर विभाग ने इन दोनों पर भी नजर रखी है।
हालांकि, आयकर विभाग ने अभी तक इस छापेमारी के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह कार्रवाई कितने समय तक चलेगी और इसका परिणाम क्या होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, जांच एजेंसी दस्तावेजों और सबूतों की गहन पड़ताल में जुटी है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER