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  • सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने मई में ही इस प्रस्ताव पर असहमति जताई थी। - Dainik Bhaskar
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने मई में ही इस प्रस्ताव पर असहमति जताई थी।

सुप्रीम कोर्ट की जज बीवी नागरत्ना ने मंगलवार को पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली को सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने की कॉलेजियम की सिफारिश पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

उन्होंने कहा, ‘ यह नियुक्ति न्यायपालिका के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।’ जस्टिस पंचोली अगर सुप्रीम कोर्ट में जज बनते हैं तो वे अक्टूबर 2031 में सीजेआई बन सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जस्टिस नागरत्ना ने मई में ही इस प्रस्ताव पर असहमति जताई थी। तब पहली बार जस्टिस पंचोली का नाम सामने आया था। बाद में जस्टिस एन वी अंजारिया को जस्टिस पंचोली से पहले सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था। तीन महीने बाद जब फिर से जस्टिस पंचोली का नाम सामने आया, तो जस्टिस नागरत्ना ने औपचारिक रूप से असहमति दर्ज की।

CJI बीआर गवई की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस पंचोली के नाम सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर केंद्र को भेजे गए। 5 सदस्यीय कॉलेजियम में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस नागरत्ना शामिल थीं।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER