TIO तेल अवीव/तेहरान

ईरान में जिन तीन लड़कों को फांसी दी गई है उनकी तस्वीर ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स ने जारी की है।

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 20वां दिन है। ईरान में 3 लोगों को फांसी दे दी गई है। इन पर जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिसवालों की हत्या करने का आरोप था।

अल जजीरा के मुताबिक, इन लोगों को दो पुलिस अधिकारियों की हत्या का दोषी पाया गया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई।

उधर कतर ने बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के कुछ मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को “अवांछित व्यक्ति” घोषित कर दिया और उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है।

यह फैसला कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद लिया गया है। ईरान ने यह हमला उसके सबसे बड़े पार्स गैस प्लांट पर इजराइली हमले के बाद किया था।

कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल इलाके में बुधवार रात ईरानी हमले के बाद आग लग गई।
कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल इलाके में बुधवार रात ईरानी हमले के बाद आग लग गई।

दावा- ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया

अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम फिर से शुरू नहीं किया है। उनके मुताबिक, पिछले साल जून के हमलों के बाद ईरान की यह ताकत लगभग खत्म हो गई थी।

यह बात राष्ट्रपति ट्रम्प के दावों से अलग है। ट्रम्प कहते रहे हैं कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खतरा है और इसी वजह से हाल का युद्ध जरूरी था। गबार्ड ने कहा कि 2025 में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इसे दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की।

वहीं, डेमोक्रेटिक नेता मार्क वार्नर ने कहा कि गबार्ड ने अपनी बात का वह हिस्सा सार्वजनिक रूप से नहीं बताया, जो ट्रम्प की बात से अलग था।

ईरान पहले से कहता आया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा। कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि ईरान से तुरंत कोई बड़ा खतरा नहीं है।

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

इजराइल ने बुधवार को ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमला किया।
इजराइल ने बुधवार को ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमला किया।
ईरान ने बुधवार रात इजराइल पर कई क्लस्टर बम से अटैक किया।
ईरान ने बुधवार रात इजराइल पर कई क्लस्टर बम से अटैक किया।
इजराइली डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार रात ईरान की एक मिसाइल को मार गिराया है।
इजराइली डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार रात ईरान की एक मिसाइल को मार गिराया है।

पूर्व अमेरिकी राजदूत बोले- ट्रम्प को बताए बिना ईरानी गैस प्लांट पर हमला संभव नहीं

अमेरिका में इजराइल के राजदूत रहे डेन शापिरो ने राष्ट्रपति ट्रम्प के उस बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें ईरान के पार्स गैस प्लांट पर इजराइल के हमले की पहले से जानकारी नहीं थी।

शापिरो ने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि इजराइल की सेना इतना बड़ा हमला करे और अमेरिका को पहले से न बताए। उनके मुताबिक, इस बात की बिल्कुल भी संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि ट्रम्प कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन सच यही है कि अमेरिका को पूरी जानकारी थी और उसने इस हमले को मंजूरी भी दी थी।

शापिरो का यह भी कहना है कि अब ट्रम्प को समझ आ रहा है कि इस हमले की वजह से हालात और बिगड़ गए हैं और ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी के ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए।

ट्रम्प बोले- कतर पर फिर से हमला बर्दाश्त नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने साफ कहा कि कतर पर हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर मिसाइल हमला किया, जिससे वहां आग लग गई और काफी नुकसान हुआ। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं।

दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इजराइल ने ईरान के पार्स गैस प्लांट पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर पर हमला कर दिया, जिसके बाद कतर ने ईरान पर “रेड लाइन पार करने” का आरोप लगाया और उसके अधिकारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया।

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को इजराइल के हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। उनके मुताबिक, ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया।

सऊदी बोला- हमारी सब्र खत्म हो रहा, ईरान हमारी बात सुने

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है। इसके बाद सऊदी विदेश मंत्री ने ईरान को सख्त चेतावनी दी। सऊदी अरब ने कहा कि वह पहले बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश करेगा, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा। साथ ही उसने कहा कि अब सब्र की सीमा खत्म हो रही है और ईरान को बात सुननी चाहिए।

ईरान में 3 लोगों को फांसी दी गई, पुलिस वालों की हत्या का आरोप

ईरान में जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में 3 लोगों को फांसी दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन लोगों को दो पुलिस अधिकारियों की हत्या का दोषी पाया गया था। अल जजीरा ने यह जानकारी ईरानी मीडिया के हवाले से दी है।

ईरान में इस साल की शुरुआत में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें भारी हिंसा भी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 3,117 लोगों की मौत हुई थी।

वहीं ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) का कहना है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। उनके मुताबिक, अब तक 6,854 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और 11,280 से ज्यादा मामलों की जांच अभी भी जारी है।

लेबनान पर इजराइली हमले से दो दिन में 45 लोगों की मौत

लेबनान में पिछले दो दिनों में इजराइल के हमलों में 45 लोगों की मौत हो गई है। यह जानकारी वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।

राजधानी बेरूत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यहां 11 लोगों की मौत हुई और 45 लोग घायल हुए, जिनमें 14 बच्चे भी शामिल हैं।

इसके अलावा देश के अलग-अलग इलाकों में भी हमले हुए, जहां कई लोगों की जान गई और कई घायल हो गए।

दावा- ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया था

अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम फिर से शुरू नहीं किया है। उनके मुताबिक, पिछले साल जून के हमलों के बाद ईरान की यह ताकत लगभग खत्म हो गई थी।

यह बात राष्ट्रपति ट्रम्प के दावों से अलग है। ट्रम्प कहते रहे हैं कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खतरा है और इसी वजह से युद्ध जरूरी था। गबार्ड ने कहा कि 2025 में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इसे दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की।

वहीं, डेमोक्रेटिक नेता मार्क वार्नर ने कहा कि गबार्ड ने अपनी बात का वह हिस्सा सार्वजनिक रूप से नहीं बताया, जो ट्रम्प की बात से अलग था।

ईरान पहले से कहता आया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा। कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि फिलहाल ईरान से तुरंत कोई बड़ा खतरा नहीं है।

गबार्ड के मुताबिक, रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश नई-नई मिसाइल तकनीक और हथियार बना रहे हैं।
गबार्ड के मुताबिक, रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश नई-नई मिसाइल तकनीक और हथियार बना रहे हैं।

कतर के गैस प्लांट में लगी आग को बुझाया गया

कतर के ‘रास लफान’ गैस प्लांट में लगी आग को अब पूरी तरह कंट्रोल कर लिया गया है। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। सरकार ने बताया कि अब उस जगह को ठंडा करने और पूरी तरह सुरक्षित बनाने का काम चल रहा है। खतरनाक चीजों को संभालने के लिए खास टीम लगी हुई है।

ईरान बोला- अली लारीजानी की मौत का बदला लेंगे

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने धमकी दी है कि सिक्योरिटी चीफ अली लाराजानी की हत्या का बदला लिया जाएगा। खामेनेई ने चेतावनी दी है कि ‘हर खून की एक कीमत होती है’।

ट्रम्प की धमकी- ईरान ने कतर पर हमला किया तो बर्दाश्त नहीं करेंगे

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने फिर से कतर पर हमला किया, तो अमेरिका बड़ा हमला कर सकता है।

यह मामला तब शुरू हुआ जब इजराइल ने ईरान के गैस प्लांट पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने जवाब में कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला कर दिया।

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को इस हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया।

उन्होंने यह भी कहा कि वे लड़ाई नहीं चाहते, लेकिन अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका सख्त कदम जरूर उठाएगा।

ईरान जंग में अकेले पड़े ट्रम्प, NATO देश बोले- हमारी लड़ाई नहीं

ईरान में खामेनेई समेत 40 से भी ज्यादा अधिकारियों के मारे जाने के बाद अमेरिका को यह जंग बड़ी कामयाबी नजर आ रही थी। लेकिन 17 दिन बाद हालात बदल चुके हैं। युद्ध का कोई साफ अंत नजर नहीं आ रहा है।

ईरान ने जवाब में होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल आपूर्ति रोक दी, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। ट्रम्प अब अपने सहयोगी नाटो देशों से होर्मुज में रास्ता खुलवाने की अपील कर रहे हैं।

हालांकि इन देशों ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में अपने वॉरशिप नहीं भेजेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर नाटो देश इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलने में मदद नहीं करते, तो नाटो का भविष्य खराब हो सकता है।

कतर ने ईरानी अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया

करत ने ईरानी दूतावास के मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” (अवांछित व्यक्ति) घोषित कर दिया है। कतर ने उनसे कहा है कि वे 24 घंटे के अंदर देश छोड़ दें।

कतर के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में ईरान के दूतावास को आधिकारिक नोट भेजा। यह बात एक बैठक के दौरान कही गई, जिसमें कतर और ईरान के बड़े अधिकारी शामिल थे।

कतर ने कहा कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान बार-बार उसके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और उसके देश की सुरक्षा और संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है।

कतर ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ऐसा ही करता रहा, तो वह अपने देश की सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाएगा।

-डीजल सप्लाई के लिए खास अधिकारी नियुक्त किया

ऑस्ट्रेलिया ने पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर नजर रखने के लिए एक खास अधिकारी नियुक्त किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का रास्ता काफी हद तक बंद कर दिया है, जिससे तेल महंगा हो रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि एंथिया हैरिस को इस काम की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने लोगों से कहा कि अभी देश में तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार पहले से तैयारी कर रही है ताकि आगे कोई परेशानी न हो।

अमेरिकी सांसद ईरान जंग में सरकारी फंंडिंग के खिलाफ

अमेरिकी सांसद क्रिस वैन होलेन ने ईरान जंग के लिए सरकारी फंडिंग का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे इस पर बिल्कुल नहीं वोट करेंगे।

दरअसल अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन इस युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की मांग करने वाला है। यह प्रस्ताव अमेरिकी सरकार के जरिए संसद (कांग्रेस) में जाएगा।

सीनेटर ने कहा कि लोग यह युद्ध नहीं चाहते और इससे देश सुरक्षित भी नहीं हो रहा। इसलिए इस पर पैसा खर्च नहीं होना चाहिए।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER