TIO पटना

राजकीय तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो.(डॉ.) मोहम्मद महफजुर रहमान ने नौकरी न जॉइन करने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा, ‘डॉ. नुसरत परवीन की उसकी दोस्त से बात हुई है। उसने कहा है कि वो मुख्यमंत्री से नाराज नहीं है। 20 दिसंबर को नौकरी जॉइन करेगी।’

दरअसल, 15 दिसंबर को जॉइनिंग लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नुसरत का हिजाब हल्का सरका दिया था। तब से ये मामला तूल पकड़ रहा है, कुछ लोग नाराजगी भी जता रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट…

4 दिन से कॉलेज नहीं आईं

नुसरत परवीन को कॉलेज में पढ़ाने वाले उसके एक टीचर ने बताया नुसरत पढ़ने में काफी होशियार है और रेगुलर कॉलेज आ रही थी। आज तक कॉलेज में किसी ने उसका चेहरा नहीं देखा। पिछले करीब सात साल से वह हिजाब में ही कॉलेज आ रही है। उसने यहीं से यूजी किया और अब पीजी कर रही है। अभी उसका एक साल बाकी है।

जब उसे ज्वॉइनिंग से जुड़ा मैसेज मिला, तो वो बेहद खुश थी। अपने भविष्य को लेकर उसके कई सपने थे, लेकिन इस घटना के बाद से वह थोड़ा आहत है। 4 दिन से कॉलेज नहीं आई है। वहां जो कुछ हुआ वह इंटेशनली नहीं लगता है, लेकिन जो हुआ वह भी सही नहीं है।’

नुसरत ने राजकीय तिब्बी कॉलेज अस्पताल से पढ़ाई की है

पटना के कदमकुआं इलाके में ‘राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल’ यूनानी चिकित्सा शिक्षा और इलाज का एक प्रमुख सेंटर है। यहां वर्षों से छात्रों को यूनानी पद्धति से पढ़ाई करवाई जा रही है। यहां (BUMS) बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी की पढ़ाई होती है।

कॉलेज से जुड़े अस्पताल में आम लोगों का इलाज होता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। नुसरत यहीं से अपना पीजी कंप्लीट कर रही है। उसका अभी एक साल बाकी है। अस्पताल में ओपीडी और भर्ती की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां सस्ते रेट पर इलाज किया जाता है, नुसरत अपनी पढ़ाई के साथ यहीं प्रैक्टिस भी कर रही है।

अब आपको कॉलेज लेकर चलते हैं…

दैनिक भास्कर की टीम जब यूनानी कॉलेज पहुंची तो वहां कोई बात करने को तैयार नहीं हुए। स्टाफ और अन्य लोगों ने साफ कहा कि जब प्रिंसिपल आएंगे तो ही बात हो पाएगी। हमने कहा कि हमें सिर्फ नुसरत के बारे में जानना है कि वह पढ़ने-लिखने में कैसी थी। क्या वो कॉलेज आ रही है। काफी प्रयास के बाद प्रिंसिपल बातचीत के लिए राजी हुए।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER