TIO नई दिल्ली

उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दिनों से बारिश जारी है। हिमाचल में 3 दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सतलुज नदी में उफान के कारण सुन्नी के ततापानी में सड़क टूटने से करसोग विधानसभा क्षेत्र का शिमला से संपर्क टूट गया है।
चंडीगढ़-मनाली फोरलेन समेत तीन राष्ट्रीय राजमार्ग और हिमाचल प्रदेश की 400 सड़कें बंद हैं। उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे को बहने और टूटने की वजह से बंद कर दिया है। मुंबई में सोमवार को भारी बारिश से रेल और ट्रैफिक पर असर पड़ा है। कई जगह जाम की स्थिति है। मौसम विभाग ने शाम तक भारी बारिश का ऐलान किया है।
रविवार शाम 4 बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 1 लाख 78 हजार 996 क्यूसेक तक पहुंच गया। बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 204.80 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन ने यमुना से सटे इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
उधर, UP के 20 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। मध्य प्रदेश के देवास-हरदा, खंडवा-बुरहानपुर समेत 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
हिमाचल के बिलासपुर में रविवार को अचानक आई बाढ़ से जलती चिता ही डूब गई।
चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर मंडी में रविवार को लैंडस्लाइड हुई। वहीं, कुल्लू में बादल फटने से नाले में बाढ़ आई।
फरीदाबाद में रविवार को यमुना के किनारे बसे गांव और खेतों में फसलें डूब गई हैं।
हरियाणा के यमुनानगर में हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ा गया। इससे दिल्ली तक बाढ़ का खतरा है।
जम्मू के श्रीनगर और पुंछ में भारी बारिश
मुंबई में भारी बारिश के बाद अंधेरी सब-वे बंद
मुंबई के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया। इससे अंधेरी सब-वे बंद कर दिया गया।
जम्मू के रामबन जिले में भू-स्खलन, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भू-स्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरे। इसके बाद जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को बंद कर दिया गया। यात्रियों को मौसम में सुधार और सड़क साफ होने तक यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।
भारी बारिश के कारण उधमपुर जिले में शारदा माता मंदिर के पास नेशनल हाईवे पर भू-स्खलन हुआ है, इसके अलावा मंकी मोड़ और रामबन जिले के मारूग इलाके में भी भू-स्खलन हुआ है।
हाईवे से पत्थर हटाने और उसे यातायात योग्य बनाने के लिए लोग और मशीनें काम कर रही हैं।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER