TIO भोपाल
मध्यप्रदेश में अति भारी बारिश का दौर तो थम गया, लेकिन हालात अब भी बिगड़े हुए हैं। श्योपुर में पार्वती नदी की बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले हैं। रायसेन में बेतवा ने विशाल रूप ले लिया है। आसपास के खेत, मंदिर और पुल डूब गए। हर तरफ सिर्फ पानी ही नजर आ रहा है। शिवपुरी में माधव टाइगर रिजर्व की सांख्य सागर झील ओवरफ्लो हो गई है।
सागर के देवरीकलां में संजय नगर स्थित रामघाट नाले में एक महिला बह गई। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम पहुंची है जो सर्चिंग कर रही है। वंदना साहू मंगलवार को सुबह 9 बजे नाग पंचमी पर रामघाट मंदिर में पूजन करके घर लौट रही थी। पुल पर से गुजरने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई। 44 घंटे बीत जाने के बाद भी वंदना का कुछ पता नहीं चल पाया है। पानी में गोते लगाकर भी महिला को तलाशा जा रहा है।
बुधवार को गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना समेत कई जिलों में सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया। कई रास्ते बंद रहे तो नर्मदा समेत अन्य नदियां उफान पर रही। इससे रास्ते भी बंद हो गए। गुरुवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। शिवपुरी में स्कूलों की छुट्टी रहेगी।
बुधवार को भारी बारिश का दौर थमा रहा। इससे पहले जबलपुर में ही सबसे ज्यादा 1 इंच पानी गिरा। वहीं, भोपाल, बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, उमरिया, बालाघाट, शिवपुरी समेत 25 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का दौर रहा।
अशोकनगर में पहुंची आर्मी
अशोकनगर में बारिश थम गई है। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई है। सभी जगह बाढ़ की स्थिति कंट्रोल है। रात में अशोकनगर में 41 सेना के जवान, 30 लखनऊ का एनडीआरफ दल और 13 सदस्य भोपाल की एसडीआरएफ के आए हैं। अभी सभी लोग जिला मुख्यालय पर रुके हैं। कोई रेस्क्यू के लिए सूचना मिलती है तो टीम पहुंचेगी।
बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव लिपटे हुए मिले
श्योपुर के ग्राम आमलदा में बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। राजू यादव अपने 13 वर्षीय भतीजे शिवम यादव के साथ मंगलवार को खेत पर गए थे। खेत में पाइप और बाकी सामान रखा था, जिसे निकालने के लिए दोनों घर से निकले थे, लेकिन फिर लौटे नहीं। परिजन को लगा कि दोनों वहीं रुक गए होंगे। जब रातभर कोई संपर्क नहीं हुआ तो बुधवार को तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। गुरुवार को पार्वती नदी का जलस्तर कम हुआ तो खेत में दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले।
माना जा रहा है कि तेज बहाव में फंसने के बाद पिता ने बेटे को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे खुद भी पानी की चपेट में आ गए।
खंडवा में जाबरेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचा पानी
खंडवा के मोरटक्का में प्राचीन जाबरेश्वर महादेव मंदिर में पानी पहुंच गया है। लोगों का कहना है कि बरसों से देखते आ रहे हैं कि नर्मदा मैया हर साल जबरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने आती हैं।
खंडवा में नर्मदा खतरे के निशान से 1 मीटर नीचे
खंडवा में मोरटक्का में नर्मदा नदी खतरे के निशान से महज 1 मीटर नीचे से बह रही है। फिलहाल मोरटक्का पुल चालू है। अभी पुल बंद होने की स्थिति में नहीं है।
खंडवा में खतरे के निशान के करीब नर्मदा
खंडवा में इंदिरा सागर बांध से कुल 12 हजार 440 क्यूमेक्स और ओंकारेश्वर बांध से 12 हजार 599 क्यूमेक्स पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे मोरटक्का के सभी घाट डूब गए हैं। ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत आदिगुरु शंकराचार्य प्रतिमा स्थल पहुंच मार्ग के ऊपर से पानी जा रहा है।
रायसेन से भास्कर रिपोर्टर देव शाक्य दे रहे बाढ़ का अपडेट
सागर में नाले में बही महिला, सर्चिंग जारी
सागर के देवरीकलां में संजय नगर स्थित रामघाट नाले में एक महिला बह गई। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम पहुंची है जो सर्चिंग कर रही है।
वंदना साहू मंगलवार को सुबह 9 बजे नाग पंचमी पर रामघाट मंदिर में पूजन करके घर लौट रही थी। पुल पर से गुजरने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई। 44 घंटे बीत जाने के बाद भी वंदना का कुछ पता नहीं चल पाया है। गुरुवार को जबलपुर से देवरी एनडीआरएफ की टीम पहुंची है। पानी में गोते लगाकर भी महिला को तलाशा जा रहा है।
रायसेन में जुलाई में 32 इंच पानी गिर गया
रायसेन में बेतवा का पानी आसपास के खेतों में भर गया है। इस साल रायसेन में बारिश ने पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जुलाई महीने में ही 32 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। बारिश का मौसम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और अभी ढाई महीने और शेष हैं। स्थानीय प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
रायसेन में बाढ़ का ड्रोन व्यू
रायसेन में बारिश थमने के बाद बाढ़ से कुछ राहत मिली है। हालांकि, नदी-नाले अभी भी उफान पर हैं। सांची रोड पर स्थित बेतवा नदी का ड्रोन से विशाल रूप देखने को मिला। दूर-दूर तक केवल पानी ही नजर आया। छोटा पुल और आसपास बने मंदिर डूब गए हैं।
शिवपुरी से मौसम का ताजा अपडेट दे रहे भास्कर रिपोर्टर कपिल मिश्रा
शिवपुरी में सांख्य सागर झील ओवरफ्लो
शिवपुरी में लगातार तीन दिन से भारी बारिश जारी है। यहां माधव टाइगर रिजर्व की सांख्य सागर झील ओवरफ्लो हो गई है।
बाढ़ प्रभावित इलाके में जेसीबी से पहुंचे कलेक्टर
पिछले तीन दिन से जारी भारी बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ आ गई। बुधवार को श्योपुर के बड़ौदा में कलेक्टर और जनप्रतिनिधि जेसीबी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे।
यहां माधोपुर से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-552 पर रणथंभोर नेशनल पार्क क्षेत्र में पुलिया टूट गई। जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। श्योपुर से जयपुर, दिल्ली, टोंक, दोसा की ओर से जाने वाला ट्रैफिक प्रभावित रहा।
श्योपुर में सीप नदी उफान पर रही। यहां मानपुर में सरकारी अस्पताल में पानी भर जाने के कारण 12 मरीज फंस गए। एसडीईआरएफ की टीम ने सभी को निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
गुना में 24 घंटे में 12.92 इंच बारिश हो गई। यहां कलोरा बांध की वेस्ट बीयर 15 फीट तक टूट गई थी। इससे आसपास के गांवों के जल मग्न होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर NDRF और सेना को बुलाया गया।
नर्मदापुरम में सोहागपुर के ग्राम सांकला में नर्मदा किनारे बसे गांव के 7 मकानों में पानी भर गया। परिवारों ने सामान ट्रॉलियों में रखवा दिया। भोपाल, नर्मदापुरम और अशोकनगर में लगातार बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई।
शिवपुरी में कोलारस के पचावली गांव में बस में सवार होकर स्कूल से घर लौट रहे 30 बच्चे बाढ़ में फंस गए। जिसके बाद सभी को पचावली सरपंच के घर रुकवाया गया। कोलारस के संगेश्वर गांव में लोग छत पर टेंट लगाकर रह रहे हैं।
मुरैना में चंबल नदी उफान पर है। मुरैना, सबलगढ़, अंबाह तहसील सहित जिलेभर में 500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
नरसिंहपुर जिले के गांव गंगई में बरांझ नदी के बैक वाटर के कारण 7 ग्रामीण फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सिस्टम कमजोर होते थमेगा बारिश का दौर
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बुधवार को प्रदेश के बीचोंबीच में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से बारिश हुई। हालांकि, इसके बाद सिस्टम कमजोर होगा और भारी बारिश का दौर थमेगा।







