विधानसभा से शशी कुमार केसवानी
विधानसभा के मानसून सत्र का बुधवार को तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के विधायकों ने पेसा कानून को सही तरीके से लागू न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। सरकार पर आदिवासियों को वन क्षेत्र से बेदखल किए जाने का आरोप लगाया।
इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- मुझे लगता है कि जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया उन्हें मूल्यांकन का भी अधिकार नहीं है। पेसा के मामले में जिस ढंग से काम हुआ है वह बेहतरीन है।
आज प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण के बाद अनुपूरक बजट पर दो घंटे चर्चा होगी। मंगलवार को वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया था।
जिसमें प्रदेश की बारिश के कारण उखड़ी सड़कों के सुधार और नई सड़कों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया है। जबकि मानसून सत्र के पहले दिन 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गूंजा था।
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा में किए गए सवाल में से मूल प्रश्न को बदलने का आरोप लगाया।
कार्यवाही शुरू होने से पहले पेसा कानून को ठीक से लागू नहीं किए जाने को लेकर विपक्षी विधायकों ने प्रदर्शन किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- सरकार आदिवासियों को परेशान कर रही है। वन विभाग उन्हें वन क्षेत्र से बेदखल करने में जुटा है।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- ये हालात पूरे प्रदेश में है। ये केवल आश्वासन और घोषणाओं की सरकार है।
बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा- हमारी सरकार आदिवासी हितों के लिए काम करने वाली है, जबकि कांग्रेस पाखंड करती है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- मुझे लगता है जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया, उन्हें मूल्यांकन का भी अधिकार नहीं है। पेसा के मामले में बेहतरीन काम हुआ है।
भू-अधिकार पत्र दिया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई- सिंघार
इसी मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार ने यहां के लोगों को भू अधिकार पत्र दे दिया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कर रही है। स्वामित्व दे दिया है लेकिन बाकी सुविधा नहीं दे रहे। इस मामले में कोई टाइम लिमिट तय की जानी चाहिए। इस पर पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि कलेक्टर से इस मामले में जानकारी लेकर निराकरण का काम करेंगे।
कांग्रेस विधायक ने पूछा- महेश्वर जल विद्युत परियोजना का क्या होगा
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने खरगोन जिले की महेश्वर जल विद्युत परियोजना से पैदा हालात की ओर सरकार का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि 10 हजार परिवार इस योजना से प्रभावित हुए हैं। यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सरकार ने इस योजना को 2020 में बंद करने की घोषणा की। 6000 करोड़ की संपत्ति की नीलामी सरकार करने जा रही है, लेकिन इससे जो लोग प्रभावित रहे हैं उनका क्या होगा?
इस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यहां की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। सरकार प्रभावित परिवारों का पूरा ध्यान रखेगी। सचिन यादव ने पूछा कि इस परियोजना का भविष्य क्या है, क्योंकि अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इस पर मंत्री तोमर ने कहा कि कोर्ट का फैसला आने के बाद ही इस मामले में कोई भी फैसला अंतिम रूप से लिया जा सकेगा।
विधायक सचिन यादव ने पूछा कि जिन गांवों का पुनर्वास नहीं हो पा रहा है, उनकी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सरकार क्या करने जा रही है। यादव ने सुझाव दिया कि जिन गांवों का पुनर्वास नहीं हो पा रहा है उन गांव में मूलभूत सुविधाओं का काम पंचायत की राशि से कराया जाए।
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने इस मामले में कहा कि क्योंकि अलग से पैकेज चाहिए, इसलिए दिक्कत है। कलेक्टर से ये कहेंगे कि एक बार इस पूरे पैकेज को देख लें, छोटी-मोटी सुविधा हो तो दी जा सकती है, लेकिन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर होने में दिक्कत है।
मंत्रियों ने विभागीय पत्रों को सदन पटल पर रखा
प्रश्न काल समाप्त होने के बाद शून्य काल की सूचनाएं पढ़ी गईं। इसके बाद मंत्रियों ने विभागीय पत्रों को सदन पटल पर रखने की कार्यवाही की।
कांग्रेस विधायक ने सवाल बदलने का आरोप लगाया
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा में किए गए सवाल में से मूल प्रश्न को बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसा किसने किया इसकी जानकारी दी जाए। जंडेल ने आदिवासी की भूमि गैर आदिवासियों को बेचने के मामले में बेचने वाले का नाम दिए जाने और खरीदने वालों की जानकारी नहीं देने की बात कही।
इसके जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि सवाल नहीं बदला गया है। इस पर जंडेल ने कहा कि उन्होंने 15 साल की जानकारी मांगी थी, लेकिन 5 साल की जानकारी भेजी गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पर कहा कि यह सभी जिलों की स्थिति है। इस पर व्यवस्था तय होनी चाहिए।
निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों का काम जल्द पूरा होगा- स्वास्थ्य मंत्री
डिप्टी सीएम राजेंद्र कुमार शुक्ल ने भाजपा विधायक प्रदीप लारिया के नरयावली विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण अधीन भवन को लेकर मांगी गई जानकारी के मामले में कहा कि सरकार मानव संसाधन की कमी को जल्द पूरा करने जा रही है। निर्माण कार्य में विलंब करने वाली एजेंसी के बिल रोके गए हैं। इसका काम दिसंबर 2025 तक पूरा होना प्रस्तावित है।
शुक्ल ने कहा कि सिविल अस्पताल मकरोनिया में अक्टूबर तक पदों की पूर्ति करने का काम किया जाएगा। भवन के फर्नीचर के लिए भी राशि जारी हो गई है। इसके लिए 7.5 करोड रुपए मंजूर किए हैं।
इसी मामले में भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि जब तक रेगुलर भर्ती नहीं होती, तब तक आउटसोर्स से कर्मचारियों की भर्ती कर काम होना चाहिए। मंत्री शुक्ल ने कहा कि आउटसोर्स से टेक्नीशियन की भर्ती के लिए कहा गया है ताकी काम होता रहे।
पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि भवन तो बन जाते हैं लेकिन भवन बनने के बाद उनका सदुपयोग नहीं हो पाता। क्योंकि कर्मचारी- अधिकारी की कमी रहती है।
इस पर डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि जो भवन बनते हैं वहां एक केयरटेकर और उसके अधीनस्थ स्टाफ होता है। प्रधानमंत्री ने इसे आरोग्य मंदिर नाम दिया है और इसे टेली मेडिसिन से जोड़ा है।
कांग्रेस विधायक ने नहरों के रखरखाव और जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया
कांग्रेस विधायक सुरेश राजे ने हरसी बांध खेसारी बांध और हरसी जल संसाधन क्षेत्र में नहरों के रखरखाव और जीर्णोद्धार का मामला उठाया। इसके जवाब में जल संसाधन मंत्री से तुलसी सिलावट ने कहा कि ग्वालियर जिले में 28 करोड़ के 12 कामों में से सात काम पूरे हो गए हैं। पांच काम बचे हैं, इन्हें जल्दी पूरा कर दिया जाएगा।
प्रीतम लोधी ने पूछा- पिछोर को कब तक जिला बनाएंगे
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने राज्य प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पिछोर को जिला बनाए जाने का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि पिछोर को कब तक जिला बनाया जाएगा।
इसके जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सामने यह प्रकरण विचाराधीन है। प्रीतम लोधी ने कहा कि उनके क्षेत्र में 20 साल से कांग्रेस का विधायक रहा है, जिनके सरकारी जमीनों पर कब्जे हैं। इसके लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है कि सरकारी जमीन से कब्जा हटाया जाए।
इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि 20 साल से भाजपा की सरकार है तो कब्जे क्यों नहीं हटाए। सरकार ही लोगों को पट्टे नहीं दे रही है। इस पर मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि जितने पट्टे भाजपा सरकार ने बांटे इतने किसी ने नहीं बांटे।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बाद पिछोर को जिला बनाने के मामले में फैसला होगा।
सरकारी अस्पतालों में व्यस्थाओं को लेकर सवाल उठाए
भाजपा विधायक अशोक रोहाणी ने सिविल हॉस्पिटल रांझी में अतिरिक्त निर्माण का मामला उठाते हुए कहा कि इसमें देरी हो रही है। इसलिए इसे जल्दी पूरा कराया जाए। इस पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इसके लिए 40 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी। भवन के लिए 24 करोड़ का प्रावधान है।
इस दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने अस्पतालों की खराब हालत का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन बने हैं लेकिन उपकरण चलाने वाले कर्मचारी नहीं हैं। अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की कमी है। इंदौर में जिला अस्पताल का निर्माण कई सालों से पूरा नहीं हो पाया है।
जिस पर मंत्री शुक्ला ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी हेल्थ सेंटर में पैरामेडिकल स्टाफ, डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों की पूर्ति के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। डॉक्टरों को गांव में जॉइन कराना चुनौती का काम है, इसलिए थोड़ा समय लग रहा है। 600 डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई है। आउटसोर्स भर्ती की जा रही है। शेखावत ने कहा कि 22 साल से कांग्रेस बीजेपी की सरकार है और अभी भी ऐसी स्थिति बनी है, इसे ठीक करना होगा।
सतना जिले के नक्शा विहीन राजस्व ग्रामों का मुद्दा उठाया
भाजपा विधायक विक्रम सिंह ने सतना जिले के नक्शा विहीन राजस्व ग्राम का मामला उठाया। इसमें जवाब मिला कि 214 गांव अभी नक्शा विहीन हैं। 126 गांव को डिजिटाइज्ड किया गया है और 118 के ऊपर भी कार्रवाई हो रही है।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि जल्द से जल्द इसका निराकरण करेंगे। विधायक विक्रम सिंह ने कहा कि यह पेंडेंसी लंबे समय से है, मंत्री जी इसकी समय सीमा तय करते हैं तो जनता को आश्वस्त किया जा सकेगा। इस पर मंत्री वर्मा ने कहा कि ड्रोन सर्वे करने में समय लगता है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 6 साल का समय कम है क्या? मंत्री ने इस पर कहा कि सत्यापन के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय हो पाएगा। इसी बीच विधायक ओपी सकलेचा ने भी कहा कि यह जानबूझकर लटकाया जाता है। कर्मचारी-अधिकारी अपनी स्वेच्छा के हिसाब से इसे पेंडिंग रखते हैं। इसलिए इस मामले में समस्या है और कोई न कोई निराकरण करना चाहिए, समय सीमा तय करनी चाहिए। मंत्री ने इस पर समय सीमा बता पाने में असहमति जताई। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हस्तक्षेप करते हुए कहा इस मामले में जल्दी कार्रवाई करेंगे।
कोरोनाकाल में मृत कर्मचारियों के परिजन को नौकरी देने का मुद्दा उठा
प्रश्नोत्तर काल के दौरान कांग्रेस विधायक चौधरी सुजीत सिंह ने कोरोना काल में मृत कर्मचारियों के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति देने का मामला उठाया। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इस मामले में विचार करेंगे। जिन्हें 50 लाख रुपए इंश्योरेंस के रूप में मिल गया है उन्हें अनुकंपा नियुक्ति देना है या नहीं देना है इस पर विचार करेंगे।







