भोपाल। मध्यप्रदेश में मिली शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस में बैठकों का दौर शुरू है। हार की समीक्षा करने राजधानी भोपाल के पीसीसी में मंथन होने के बाद अब दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में हार की समीक्षा हुई है। इस बैठक में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में हुई हार पर आला कमान को रिपोर्ट पेश की। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मप्र के चुनाव प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के अलावा मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह, कांतिलाल भूरिया, ओंकार सिंह मरकाम, कमलेश्वर पटेल समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
बता दें कि पार्टी मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार का कारण ढूंढने में जुटी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सभी उम्मीदवारों की बैठक में हार वजह जानने का प्रयास किया था। जिसके बाद एक रिपोर्ट बनाई गई थी। उसे ही आज आला कमान के सामने पेश किया गया। सुरजेवाला ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता का मन जीतने में हमसे कहां कमियां हुई इस विषयों पर चर्चा हुई है। इसके अलावा आत्ममंथन और सभी बिंदुओं पर बात हुई है।
राहुल ने खड़गे से किया यह आग्रह
राहुल गांधी को विधायक दल की बैठक को लेकर निर्देश देने के लिए कहा गया है। खड़गे से आग्रह किया गया है कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए निर्देश दें। विपक्ष का नेता तय करने के लिए आॅब्जर्वर विधायक दल की बैठक करेंगे। बैठक के बाद मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में बैठक हुई है। सभी नेताओं से चर्चा की है। कमलनाथ और गोविंद सिंह के साथ ही दिग्विजय सिंह ने अपने- अपने अनुभव साझा किए है। हार के कारणों पर बड़े ही खुले मन से चर्चा हुई है।
भाजपा द्वारा किए वादों को उठाया जाएगा विधानसभा में
सुरजेवाला ने कहा कि विपक्ष में सजग पहरेदार के तौर पर सभी के लिए खड़े रहेंगे। भाजपा के वादों को लेकर विधानसभा में मुद्दा उठाया जाएगा। सभी मुद्दों को लागू कराने की जिम्मेदारी कांग्रेस की होगी। अत्याचारों पर कांग्रेस के साथी हमेशा खड़े रहेंगे। मध्य प्रदेश की जनता का सम्मान करते हैं। विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रहेंगे। ईवीएम की गड़बड़ी को लेकर सुरजेवाला ने कहा कि नतीजे निराशाजनक हैं। पार्टी फोरम पर हर विषयों पर चर्चा की गई है। अनुशासन को मानते हुए बैठक के बिंदुओं पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए।