विधानसभा से शशी कुमार केसवानी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- मैं सिर्फ बच्चों की मृत्यु पर शोक व्यक्त कर रहा हूं। ये इंसानियत पर प्रश्नचिह्न है। नेता प्रतिपक्ष ने आठ BLO की मौतों का जिक्र किया तो सारंग ने फिर आपत्ति की। कहा- नेता प्रतिपक्ष गरिमा का ध्यान रखें।
भोपाल की हुजूर विधानसभा के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भावांतर को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- हम भावांतर के सही रेट नहीं बता पा रहे हैं। यह हमारी गलती है। हमारे अधिकारियों के साथ-साथ हम भी किसानों को सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- शोक प्रस्ताव का समय ऐसा होता है, जिसमें श्रद्धा सुमन अर्पित करने तक सीमित रहना चाहिए। आगे इसका ध्यान रखें। सिंघार बोले- मैंने कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए हैं।
विधानसभा सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 4 दिन ही विधानसभा की बैठकें होंगी। 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर स्थानीय अवकाश के कारण विधानसभा की भी छुट्टी रहेगी।

भाजपा विधायक रामेश्वर ने किसानों को मुआवजे और भावांतर पर पर सवाल उठाए
विधायक रामेश्वर शर्मा ने सदन में चर्चा के दौरान कहा कि हम भावांतर के सही रेट नहीं बता पा रहे हैं। यह हमारी गलती है। हमारे अधिकारियों के साथ-साथ हम भी किसानों को सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
कृषि मंत्री और राजस्व मंत्री से आग्रह है कि बीमा कंपनी के अफसरों को निर्देश दिए जाएं कि अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और अनावृष्टि की स्थिति में किसानों के खेत में जाएं और किसानों के नुकसान का आकलन कर कार्रवाई करें।
रामेश्वर के वक्तव्य के दौरान अभय मिश्र ने टोका टाकी की तो रामेश्वर ने कहा कि सरकार सबसे निपटना जानती है। सड़क का डामर हो या नहर पर सड़क का मामला हो, सबसे वसूली भी करना जानती है।
इस पर विधायक और नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि डामर की बात किसानों के मामले में क्यों हो रही है। इसे विलुप्त किया जाए।
बाद में रामेश्वर ने कहा कि बीमा कंपनियों को उचित मुआवजा देने के लिए सरकार को दबाव बनाना चाहिए, ताकि किसानों का नुकसान होने से बचाया जा सके। अधिकारी इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें। रामेश्वर ने कहा कि किसानों को मुआवजे के लिए कोई और व्यवस्था अलग से हो सके तो सरकार से वह आग्रह करते हैं कि ऐसा किया जाए।
विधानसभा सचिवालय को मिले 1497 सवाल
विधानसभा सचिवालय में 751 तारांकित और 746 अतारांकित प्रश्नों को मिलाकर 1497 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। ध्यानाकर्षण की 194, स्थगन प्रस्ताव की 06, अशासकीय संकल्प की 14, शून्यकाल की 52, नियम-139 की 02 सूचनाएं जबकि 15 याचिकाएं मिली हैं। 2 शासकीय विधेयक भी प्राप्त हुए हैं।
विजयवर्गीय- भावांतर कांग्रेस ने शुरू की, पैसा नहीं दिया
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भावांतर योजना कांग्रेस के समय शुरू हुई थी, लेकिन कांग्रेस ने पेमेंट नहीं किया। भाजपा की सरकार में भुगतान हो रहे हैं। इस पर शेखावत ने कहा कि यहां तो वही स्थिति है कि इधर-उधर की बात न कर ये बता कि कारवां लुटा कैसे।
सहकारिता चुनाव 15 साल से नहीं हो पाने पर शेखावत ने सहकारिता मंत्री को घेरते हुए कहा कि 7 हजार करोड़ लेने वाली कंपनी 700 करोड़ देकर लूट रही है। 51 रुपए बीमा कंपनी मुआवजा देकर किसान को लूट रही है।
भंवर सिंह शेखावत बोले- किसानों को नहीं मिल रहा भावांतर
नियम 139 के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अतिवृष्टि से किसानों की फसलें नष्ट होने के संबंध में चर्चा के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक रामेश्वर शर्मा के प्रस्ताव पर भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि भावांतर योजना किसानों को भ्रमित करने वाली योजना है। सोयाबीन की खरीदी नहीं हो रही है।
अतिवृष्टि से हुए नुकसान से किसान परेशान हैं। भावांतर नहीं मिल रहा है जो मॉडल रेट तय हो रहे, उसका पैसा किसानों को नहीं मिल रहा।
भावांतर के नाम पर रैली निकालने से कैसे किसानों को पैसा मिल जाएगा। मक्का की फसल खरीदने के लिए व्यवस्था शुरू होनी चाहिए।
दुकान तथा स्थापना द्वितीय संशोधन विधेयक पेश
एसआईआर में गड़बड़ी नहीं हो रही
आदिवासी मजदूरों के भुगतान का मुद्दा उठा
नियम 138 (1) के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव अजय सिंह और हीरालाल अलावा ने पेश किया।
इसमें सीहोर जिले के आदिवासी मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किए जाने और वन राज्य मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया गया।
उन्होंने कहा- यहां करीब 2000 मजदूरों का 8 करोड़ का भुगतान बकाया होने के बात सामने आई है। वहीं वन राज्य मंत्री ने कोई भी भुगतान लंबित नहीं होने की बात कही।
उन्होंने कहा कि मजदूरों के खाते में भुगतान कर दिया गया है। अजय सिंह ने कहा कि उनका ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाने के बाद भुगतान किया गया है, क्या यह राशि सरकार पहले नहीं दे सकती थी।
इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि 17 नवंबर और 26 नवंबर को पैसे मजदूरों के खाते में डाले गए हैं। इसके पहले भी समय-समय पर राशि का भुगतान किया जाता रहा है।
विधायक अजय सिंह ने इस पर कहा कि सबसे पीड़ित वर्ग मजदूर होता है। उनका भी पैसा समय पर नहीं दिया जाता है। स्पीकर से आग्रह है कि मजदूरों का भुगतान समय-समय पर कराने की व्यवस्था कराएं।
प्रहलाद पटेल बोले- सवाल बदलने का आरोप असंसदीय…
सवाल बदले जाने को लेकर कांग्रेस के आरोप को पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताया।
इस तरह मिले कांग्रेस और भाजपा के नेता
विधानसभा परिसर में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया और जबलपुर मध्य के बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे कुछ इस तरह मिले।
ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने के पहले सदन में हंगामा
प्रश्न-उत्तर काल खत्म होने के बाद जैसे ही ध्यान आकर्षण प्रस्ताव का मामला विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उठाया तो विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि विधायकों की भूमिका समाप्त करने का षड्यंत्र किया जा रहा है।
लगातार विधानसभा के सत्र छोटे किया जा रहे हैं, जिससे विधायक अपनी बात नहीं रख पाते हैं। मनमानी बढ़ रही है।
विधायकों की भूमिका खत्म हो रही है। किसान आंदोलन कर रहे हैं। इन सब बिंदुओं पर चर्चा कैसे हो पाएगी।
सत्ता पक्ष के विधायकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी बोलने लगे और सदन में हंगामा की स्थिति बन गई।
कांग्रेस के सारे विधायक नेता प्रतिपक्ष के सीट के पास आकर खड़े हो गए और सदन की अवधि बढ़ाने की मांग करने लगे।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हंगामा के बीच में कहा कि गागर में सागर भरने का काम किया जा रहा है, लेकिन सदन में शोर शराबा जारी रहा और कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे।
सरकारी नौकरी में खिलाड़ियों को बोनस अंक दिए जाने का मामला उठा
प्रश्नोत्तर काल की शुरुआत होने पर विधायक भूपेंद्र सिंह का नाम पुकारा गया, लेकिन वह अनुपस्थित रहे l
इसके बाद विधायक दिलीप सिंह परिहार ने सरकारी नौकरी में खिलाड़ियों को बोनस अंक दिए जाने का मामला उठाया।
उन्होंने पूछा- कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में नेशनल खेलने वाले खिलाड़ियों को 10 अंक अलग से दिए जाते हैं। क्या मध्यप्रदेश में भी ऐसा होगा?
इसके जवाब में खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम बनेगा।
विक्रम अवार्डी और अन्य खिलाड़ियों के मामले में सरकार काम कर रही है।
इस पर विधायक परिहार ने कहा कि नेशनल खेलने वाले खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए, जिसका मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समर्थन किया।
उन्होंने कहा की कुश्ती के मामले में मैंने ऐसा देखा है कि हमारे खिलाड़ी दूसरे राज्यों में चले जाते हैं।
मंत्री सारंग ने कहा कि बोनस देने का प्रावधान नहीं है। ओलिंपिक खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए गजटेड ऑफिसर बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
सिंगरौली में बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने को लेकर अजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले- यह सरकार असंवेदनशील है।








