शशी कुमार केसवानी

नए संसद भवन के निर्माण में बहुत कमियां मुझे नजर आती है। उन कमियों को कई बार नजरअंदाज भी किया जा सकता है पर इस बार के मानसून सत्र में जिस तरह से सांसदों ने छज्जे की बजाय छतरियों में छुपते नजर आए वह एक आश्चर्यजनक बात है। एक फोटो ने देशभर में खलबली मचा दी। ये फोटो राहुल और प्रियंका का था जो बारिश में भीगते नजर आए। उसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पोर्च (छज्जा) बनवाने की योजना बनाई। आश्चर्यजनक बात ये इतना बड़ा संसद भवन बनाने में कितनी कमियां रह गई जिसका हिसाब लगाना मुश्किल है। पुराना संसद भवन ऐतिहासिक हिसाब के साथ साथ सुरक्षा दृष्टि से भी कई गुना बेहतर था। हालांकि संसद भवन कई विवादों में रहा है परंतु सरकार ने उन विवादों को हमेशा खारिज किया है हालंाकि संसद निर्माण में घोटाला या संसद भवन से जुड़े किसी बड़े वित्तीय घोटाले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, फरवरी 2024 में वास्तुशास्त्री खुश्दीप बंसल की एक गिरफ्तारी चर्चा में आई थी, जिन्हें मीडिया ने पुराने संसद भवन के वास्तु दोष से जुड़ी पुरानी टिप्पणियों के साथ जोड़ा था। वह मामला संसद के निर्माण या नए संसद भवन से जुड़ा नहीं था, बल्कि असम के एक अन्य 65 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी/जालसाजी मामले से संबंधित था। मुख्य बिंदु संसद भवन निर्माण: नए संसद भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया गया है, और इसके मुख्य वास्तुकार बिमल पटेल हैं। इस निर्माण कार्य में किसी आधिकारिक घोटाले की पुष्टि नहीं की गई है।वास्तुशास्त्री की गिरफ्तारी: फरवरी 2024 में वास्तु विशेषज्ञ खुशदीप बंसल को दिल्ली से असम पुलिस ने 65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। पुरानी चर्चा: खुशदीप बंसल ने 1997 में दावा किया था कि पुराने संसद भवन की लाइब्रेरी में वास्तु दोष है जिससे सरकारें गिरती हैं। इसी पुराने दावे के कारण फरवरी 2024 की उनकी गिरफ्तारी की खबरों में संसद भवन शब्द का जिक्र हुआ था, जिसके कारण भ्रम की स्थिति बन सकती है।
अब बारिश में नहीं भीगेंगे सांसद, संसद के मकर द्वार पर पोर्च बनाने की योजना : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आर्किटेक्ट और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को निर्देश दिया कि वे संसद भवन के मकर द्वार पर एक द्वार मण्डप (पोर्च) बनाने की संभावना का पता लगाएं, जिससे सांसदों को वर्षा आदि मौसमी परिस्थितियों से बचाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, बिरला का मानना है कि संसद भवन के दरवाजे पर खड़े सांसदों के लिए पोर्च का निर्माण फायदेमंद होगा। इस समय संसद का मानसून सत्र चल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिन से लगातार वर्षा हो रही है। पुराने संसद भवन में कुछ द्वारों पर पोर्च बने हुए हैं, जिनमें वह प्रवेश स्थल भी शामिल है जिसका इस्तेमाल सांसद करते थे। लोकसभा अध्यक्ष ने आर्किटेक्ट और सीपीडब्ल्यूडी से नए संसद भवन के मकर द्वार पर भी ऐसी ही सुविधा बनाने के लिए रिपोर्ट मांगी है। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को गुरुवार को संसद भवन के बाहर बिना छाते के वर्षा में खड़े देखा जा सकता है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER