TIO भोपाल

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सदन में अपने वक्तव्य में कहा है कि प्रदेश में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। अल्प वर्षा की स्थिति में भी राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। मध्यप्रदेश का किसान ठीक ढंग से खेती कर सके, इसके लिये सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उन्नत कृषि के लिये 16 विभागों को मिलाकर राज्य सरकार इस वर्ष को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। मध्यप्रदेश में अल्प वर्षा की स्थिति है। इसके लिये मौसम विभाग के आंकड़े भी सामने हैं। औसत देखें तो 16 प्रतिशत वर्षा की ही कमी है और केवल एक जिला आलीराजपुर अल्प वर्षा वाला है।

ई-विकास पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस बात से सजग हैं और उन्होंने अल्प वर्षा की स्थिति की समीक्षा करते हुए 2 बार बैठकें ली और जानकारी एकत्रित कर जन-जागरूकता का विशेष अभियान चलाया। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से व्यवस्था को पारदर्शी किया गया है। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की गयी है। इसमें 10 लायसेंस निरस्त और 16 पर एफआईआर की गई है। मध्यप्रदेश आगे आने वाले समय में देश का मॉडल बनेगा। उन्होंने बताया कि 5.48 मीट्रिक टन यूरिया रखा है। इसकी कोई कमी नहीं है। 520 लाख टन अनाज की आवक हुई है, जो 15 प्रतिशत अधिक है। बीज संघ के माध्यम से बीज के निर्माण और वितरण पर काम चल रहा है। स्वाइल टेस्ट लैब के माध्यम से 16 लाख नमूनों की जाँच हुई है। वर्ष 2025 में 11 लाख 54 हजार किसानों को बीमा का लाभ दिया गया है। 27 लाख मीट्रिक टन बीज स्टोर में है। हम किसानों की हर समस्या के निदान के लिये कटिबद्ध हैं। देश में खाद्यान्न में दूसरे स्थान पर हैं। किसान कल्याण वर्ष में किसानों की हर समस्या के निराकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार के पास खाद-बीज की कोई कमी नहीं है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER