TIO तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी

CENTCOM ने हमले का यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। - Dainik Bhaskar

CENTCOM ने हमले का यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हो गया। IRGC ने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी के कारण दोनों टैंकर समुद्र में बिछी माइंस से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए।

हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को झूठा बताया। वहीं, CENTCOM ने कहा कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों, हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं पर हमले किए। अल जजीरा के मुताबिक, इन हमलों में सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और यज्द को निशाना बनाया गया।

उधर, ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तो ईरान कुवैत और बहरीन में घुस जाएगा और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह कर देगा।

अमेरिका के साथ समझौते पर ईरान में घमासान, कट्टरपंथियों ने तख्तापलट की आशंका जताई

अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते को लेकर ईरान के भीतर सत्ता संघर्ष तेज होता दिख रहा है। देश के कट्टरपंथी धड़े राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची पर देश के सिद्धांतों से समझौता करने का आरोप लगा रहे हैं।

कट्टरपंथियों का दावा है कि अमेरिका के साथ समझौता करने वाले नेता सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और यह एक तरह का तख्तापलट है।

पिछले सप्ताह तेहरान में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान यह नाराजगी खुलकर सामने आई। राष्ट्रपति पजशकियान जब खामेनेई के ताबूत के साथ चल रहे थे, तब कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाए।

इसी दौरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अमेरिका के साथ युद्धविराम वार्ता में अहम भूमिका निभाने वाले अराघची पर भीड़ ने पत्थर फेंके और उन्हें “गद्दार” कहकर नारे लगाए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें वहां से निकलना पड़ा।

कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्या ईरान में तख्तापलट होने वाला है? उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत का बदला लेने के बजाय सरकार समझौते की राह पर चल रही है।

अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता माना जा रहा है, लेकिन वह अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उन्होंने न तो देश को संबोधित किया है और न ही खुलकर नेतृत्व करते दिखाई दिए हैं।

ऐसे में राष्ट्रपति पजशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ और विदेश मंत्री अराघची ही सरकार के सबसे प्रमुख चेहरे बन गए हैं। ऐसे में कट्टरपंथी इन्हीं नेताओं पर सत्ता हथियाने का आरोप लगा रहे हैं।

ईरान में अमेरिकी हमलों में 7 नागरिकों की मौत का दावा

ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में पिछले दो दिनों के अमेरिकी हमलों में 7 लोगों की मौत हुई है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रांत के सांसद अहमद मोरादी ने कहा कि सभी मृतक नागरिक थे।

रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी हमले में प्रांत के एक पुल को निशाना बनाया गया। इस दौरान वहां से गुजर रही दो कारें भी चपेट में आ गईं, जिससे 6 लोगों की मौत हो गई।

बंदर अब्बास के तप्पे अल्लाह अकबर इलाके में हुए एक अन्य हमले में एक महिला की मौत हुई, जबकि उसका एक साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका एक हाथ काटना पड़ा। वहीं, पेट्रोल पंपों तक ईंधन पहुंचाने वाला एक टैंकर चालक भी आग लगने से मारा गया।

ईरान में 11वीं-12वीं की परीक्षाएं रद्द

ईरान के शिक्षा मंत्रालय ने देश के दक्षिणी हिस्से में बिगड़ते हालात को देखते हुए रविवार और सोमवार को 11वीं और 12वीं कक्षा की अंतिम परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह फैसला होर्मोजगान, बुशेहर, खुजेस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों पर लागू होगा।

शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन परीक्षाओं की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। वहीं, देश के अन्य सभी प्रांतों में परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER