TIO अयोध्या

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। 14 दिनों की रिमांड मांगेगी।
दरअसल, गुरुवार शाम मामले में ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज की गई। इसमें टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को नामजद किया। इनमें अधिकांश चढ़ावा गिनती और दान प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।
हालांकि, FIR में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। संजय प्रसाद ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं।
इस बीच, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल शुक्रवार सुबह 11 बजे राम मंदिर पहुंचे। रामलला के दर्शन-पूजन किए। यहां से हनुमानगढ़ी पहुंचकर पूजा की। केजरीवाल ने बताया कि शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
विहिप अध्यक्ष बोले- चंपत राय या अनिल मिश्रा, कोई भी जांच के दायरे से बाहर नहीं
VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय हों या अनिल मिश्रा हों, वह भी जांच के दायरे में हैं। उन पर भी जांच होगी। उन लोगों का नाम FIR में है, जो SIT की रिपोर्ट में है। चंपत राय, अनिल कोई भी इस जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं और न ही ऐसा कोई इरादा है।
अरविंद केजरीवाल शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे
राम मंदिर में दर्शन के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा- हमने भगवान से प्रार्थना की कि जिन भी लोगों ने इस तरह का महापाप किया है, उन्हें भगवान कठोर से कठोर दंड दे। FIR जो हुई है, वो केवल एक दिखावा है। एक छलावा है। 8 छोटे-छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इतने दिनों से जो घोटाला चल रहा था। जाहिर तौर पर इतने दिनों से घोटाला कोई छोटे-छोटे कर्मचारी नहीं कर रहे थे। इसके तार बहुत ऊपर तक जुड़े हुए हैं। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। छोटे लोगों के सर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है। आज 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस है। आप सब लोग वहां पे आइएगा।
केजरीवाल ने हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ किया, संतों का आशीर्वाद लिया
अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के हनुमानगढ़ी में पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद संतों से मिलकर आशीर्वाद लिया।
रामलला के दर्शन के बाद हनुमानगढ़ी पहुंचे अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल सुबह 11 बजे होटल से निकलकर रामलला के दर्शन करने के लिए राम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पहले रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने राम दरबार के दर्शन किए। करीब 15 मिनट तक राम मंदिर में रहे। फिर यहां से हनुमानगढ़ी पहुंचे।
केजरीवाल बोले- महापाप हुआ, छोटे-छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रामलला के दर्शन के बाद कहा- चढ़ावा चोरी महापाप है। FIR के बाद छोटे-छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस है। उसमें विस्तार से बात करेंगे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले- सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया, एक्शन लेंगे
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज होने के बाद डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा- सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। FIR दर्ज कर ली गई है। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल राम जन्म भूमि मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच गए हैं। दो नंबर गेट से उनका प्रवेश हुआ है। दर्शन के बाद केजरीवाल हनुमानगढ़ी भी जाएंगे। पूजा करेंगे।
JDU सांसद बोले- घटना दुखद, SIT रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू
JDU सांसद संजय झा ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर कहा- राम मंदिर सभी की आस्था का केंद्र है। लोगों की आस्था और विश्वास उससे जुड़े हैं। यह घटना दुखद है लेकिन सरकार ने SIT का गठन किया है, SIT ने रिपोर्ट दे दी है और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो गई है।
भाजपा नेता बोले- कोई कितना भी बड़ा अधिकारी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा
भाजपा नेता आरपी सिंह ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी मामले में FIR दर्ज होने पर कहा- कोई भी होगा, चाहें वह जितना भी बड़ा अधिकारी हो या कर्मचारी हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने जो वादा किया था उसे वे पूरा कर रहे हैं। हम आशा करते हैं कि इसमें जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
हनुमान गढ़ी के पुजारी बोले- दोषियों को सजा मिलेगी, कोर्ट सजा देगा
अयोध्या में हनुमान गढ़ी के पुजारी रमेशदास महाराज ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी मामले में FIR दर्ज होने पर कहा- मैं SIT द्वारा की गई जांच के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। इन सरकारों ने विपक्ष द्वारा लगाए गए चोरी के आरोपों को जिस तरह से हैंडल किया है। रिपोर्ट आने के बाद भी ये लोग चिल्लाना बंद नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। जिस तरह से जुर्म किया गया है, उन्हें सजा मिलेगी, कोर्ट उन्हें सजा देगा।
FIR में चंपत राय का नाम तय माना जा रहा था
इससे पहले सूत्रों से जानकारी सामने आई थी कि SIT ने जांच रिपोर्ट में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना था। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा था।
SIT को जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां टिन्नू के पास मिलीं थी। SIT ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया था, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया।
आरोप साबित हुए तो कितनी सजा हो सकती है? जानिए
दिनेश शर्मा बोले- विपक्ष मंदिर को बदनाम करना चाहता है
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले में FIR दर्ज होने पर कहा- विपक्ष के पास केवल आरोप लगाने का काम है। वे श्री राम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करना चाहते हैं। विपक्ष जो आरोप लगा रहा है, उससे पहले ही SIT का निर्माण हुआ है। FIR दर्ज की गई है। 8 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। जिसके खिलाफ सबूत मिलेंगे। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सारे विपक्ष का एक ही काम है, राम मंदिर के निर्माण से लेकर आज तक उनके निशाने पर केवल श्री राम जन्मभूमि मंदिर और अनेक मंदिर रहे हैं। मैं समझता हूं कि इससे ज्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई हो नहीं सकती है।
मंत्री सुरेश खन्ना बोले- जिसने भी गड़बड़ी की, उसे सजा जरूर मिलेगी
यूपी सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा- यह योगी की सरकार है। इस सरकार में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस का नारा शुरू से दिया गया है। उसी के अनुरूप कार्रवाई भी रही है। कहीं भी कोई दोषी नहीं बचेगा। जिसने भी गड़बड़ की होगी, उसको जरूर सजा मिलेगी।
सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी गिरफ्तार होंगे
चढ़ावा चोरी की FIR में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट यानी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा भी लगाई गई है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर ही कार्रवाई होती है। इससे साफ है कि आने वाले समय में चढ़ावे की रकम की गिनती और उसको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में जमा कराने के दौरान लगे सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी गिरफ्तार हो सकते हैं।
संजय सिंह ने पूछा- चंपत राय और उनके साथी जेल कब जाएंगे
आप सांसद संजय सिंह ने वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि मैंने SIT को जमीन घोटाले से संबंधित दस्तावेज दिए। जिसमें चंपत राय, अनिल कुमार मिश्रा, भाजपा के पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और उसके भतीजे दीप नारायण का फंसना तय था। लेकिन सैकड़ों करोड़ के घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए ट्रस्ट ने कुछ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का नाटक रचा है। आखिर प्रभु श्री राम जी के मंदिर में डकैती डालने वाले, चंदा चुराने वाले, चंपत राय और उनके साथी जेल कब जाएंगे?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रामलला के दर्शन करेंगे। वह गुरुवार शाम अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने कहा- मैं यहां भगवान राम के धन में हो रही चोरी और इन ‘चंदा चोरों’ के विरोध में रामलला के दर्शन करने आया हूं। सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर केजरीवाल ने दावा किया था कि मंदिर में करोड़ों रुपए के कैश और हीरे-जवाहरात की चोरी हुई है। जिससे देश का हर राम भक्त और सनातनी गहरे दुख में है। राम मंदिर में अरबों रुपये के चढ़ावे की चोरी हो गई है। बताया जा रहा है कि लगभग 200 करोड़ रुपए का कैश चोरी हुआ है। आप लोग मंदिर जाते हैं, भगवान के सामने पैसे और हीरे-जवाहरात चढ़ाते हैं। लगभग 200 करोड़ का कैश और हीरे-जवाहरात के कई बक्से गायब हो चुके हैं। इस बात से हर राम भक्त और सनातनी बेहद दुखी हैं।
नृपेंद्र मिश्र बन सकते हैं ट्रस्ट के CEO
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्र को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि रामजन्मभूमि परिसर में मंदिरों का निर्माण पूरा हो जाने के कारण उनका मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
प्रारंभिक रिपोर्ट में SIT ने किसी प्रशासकीय अधिकारी को सीईओ बनाने की संस्तुति की है। ऐसे में माना जा रहा कि केंद्र सरकार के स्तर से उन्हें सीईओ बनाया जा सकता है। नृपेंद्र मिश्र, गठन के समय से ही ट्रस्ट के सदस्य हैं। उनके निर्देशन में ही पूरा निर्माण हुआ है। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सलाहकार और पीएमओ में प्रमुख सचिव भी रहे हैं।
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार बोले- जिनके नाम FIR में नहीं, उनकी भी जांच की जाए
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि- FIR दर्ज होने पर खुशी है। मैं बहुत संतुष्ट हूं। लेकिन, जिनका नाम FIR में नहीं, उसकी भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा- कल ही हमने कहा था कि इसमें FIR होनी चाहिए। SIT की रिपोर्ट आ गई है। उसमें कुछ लोगों के नाम और कुछ सबूत हैं। मेरी संतुष्टि इस बात को लेकर है कि जब ट्रस्ट के सदस्यों को उन नामों की जानकारी हुई तो उन्होंने एक दिन की भी देरी नहीं की और तुरंत FIR दर्ज करा दी। यह तीसरा कदम है।
पहला कदम था, जब ट्रस्ट की ओर से चंपत राय ने मुख्यमंत्री से SIT गठित करने की मांग की थी। दूसरा कदम था जब SIT आई तो चंपत राय ने कहा कि जांच की शुरुआत मुझसे की जाए और मैं आपके सवालों के जवाब दूंगा।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच पूरी करनी चाहिए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए, ताकि दोषी जल्द सलाखों के पीछे जाएं।
आप सांसद संजय सिंह ने कहा- चंपत राय का नाम FIR में नहीं, वे ही मुख्य आरोपी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR को लेकर जब आप सांसद संजय सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि- चंपत राय का नाम है कि नहीं है? मुख्य आरोपी तो वही हैं। पहले पता कर लीजिए कि उनका नाम FIR में है या नहीं। अनिल मिश्रा का नाम है या नहीं? गोपाल राव का नाम है या नहीं? जो बड़े आरोपी हैं, उनका नाम FIR में है या नहीं? कागज मिलने के बाद ही बता पाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि चंपत राय पर जमीनों और चढ़ावे से जुड़े घोटाले के आरोप लगे हैं। क्या उनके खिलाफ FIR दर्ज है या नहीं, यह साफ होना चाहिए।
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सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले के सबूत SIT को दिए
एसआईटी को आप सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े सबूत दिए। संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। वे करीब 12 मिनट कमरे में रुके।
संजय सिंह ने बाहर आकर कहा- राम मंदिर में जमीन घोटाले के 11 कागजात मैंने एसआईटी को सौंपे हैं। उन्होंने कहा-

एक-एक कर सब सामने आ रहा है। पैसे की बरामदगी हो चुकी है, चढ़ावे में चोरी के तमाम साक्ष्य मिल चुके हैं। फिर भी अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया? किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? कोई FIR अब तक क्यों दर्ज नहीं हुई? यह बेहद हैरान करने वाली बात है।”

दरअसल, संजय सिंह ने दावा किया था कि उनके पास अयोध्या में जमीन घोटाले से जुड़े सबूत हैं। इसके बाद SIT के प्रमुख कुमार विश्वास पंत ने उन्हें सबूत के साथ बुलाया था। वहीं आप पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा- राममंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना से दु:खी हूं। कल भगवान राम के दर्शन करने जाऊंगा।
संजय सिंह बोले- मैंने 11 सबूत SIT अध्यक्ष को सौंपे, बचने का कोई रास्ता नहीं
संजय सिंह ने बताया कि हमने 11 सबूत सौंप दिए हैं। उन्होंने सभी के बारे में बताया। पॉइंटवार पढ़िए-
हरीश-कुसुम पाठक से ट्रस्ट ने 4.97 करोड़ की जमीन 8 करोड़ में खरीदी। इसमें जो गवाह हैं, उनमें ऋषि कुमार उपाध्याय और अनिल मिश्रा हैं। अनिल मिश्रा ट्रस्ट के सदस्य हैं और ऋषि कुमार उस समय भाजपा के मेयर थे।
2021 में सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने जो जमीन हरीश-कुसुम पाठक से खरीदी, उसे 5 मिनट बाद ही साढ़े 18 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दिया गया। मजेदार बात यह है कि दोनों खरीद में अनिल मिश्रा और ऋषि कुमार उपाध्याय गवाह हैं।
41.60 लाख की जमीन 2 करोड़ में बेची गई।
ऋषि उपाध्याय के भतीजे ने 20 लाख में जमीन खरीदी, जिसे 7 महीने बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को बेचा गया।
14 मई 2020 को ऋषि उपाध्याय के भतीजे दीपनारायण को दान में जमीन मिली। वह जमीन चंपत राय को 1 करोड़ में बेची गई।
20 मई 2021 को ब्रज मोहन दास से 92.50 लाख की जमीन 5.60 करोड़ रुपये में चंपत राय ने खरीदी।
51.80 लाख की जमीन कितने में बेची गई, यह पता नहीं है, लेकिन इसे भी चंपत राय ने खरीदा था।
45 लाख की जमीन कितने में बेची गई, इसकी भी जानकारी नहीं है। यह जांच का विषय है।
16 नवंबर 2023 को 9 करोड़ की जमीन 55.47 करोड़ में खरीदी गई।
2 अप्रैल 2024 को 2.92 करोड़ की जमीन चंपत राय को 24 करोड़ में बेची गई।
संजय सिंह ने कहा- मैं ओरिजनल कागज लेकर आया हूं। इनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। एसडीएम अयोध्या खुद लिखकर दे रहे हैं कि यह जमीन नजूल की जमीन है। तो कैसे इस जमीन को 24 करोड़ में खरीदा गया? यह तो सीधे ट्रस्ट के पैसों में चंदा चोरी की डकैती है।
आप सांसद बोले- चंपत राय को जमीन बेचकर ट्रस्ट को चूना लगाया गया
राम मंदिर में हुए घोटाले से देश के लोगों में गुस्सा है। करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यूपी सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी बनाई है। इसकी अध्यक्षता लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। आज उन्होंने मुझे बुलाया था। मैंने उनसे मुलाकात कर सारे दस्तावेज सौंप दिए। मेरे पास 13 दस्तावेज थे। दो मामले आपस में जुड़े थे, इसलिए 11 सेट के कागजात SIT को सौंप दिए।
आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि किस प्रकार से 1 करोड़ की जमीन दान में बेच दी गई। इसके अलावा 9 करोड़ की जमीन 55.47 करोड़ में बेची गई। इसी तरह 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में बेची गई। 3 करोड़ वाली जमीन जो बेची गई, वह नजूल की जमीन थी। यह जमीन न बेची जा सकती है और न ही खरीदी जा सकती है।
इस जमीन को ट्रस्ट ने चंदे के पैसों से कैसे खरीद लिया? इसके अलावा, जो उस समय के भाजपा मेयर थे, उनसे संबंधित कागजात भी थे। उन्हें मैंने SIT को सौंपा है। बताया गया है कि किस तरह चंपत राय को जमीन बेचकर ट्रस्ट को चूना लगाने का काम किया गया।
प्रवीण तोगड़िया बोले- राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फांसी हो
राममंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रमुख प्रवीण तोगड़िया ने कहा- राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
विहिप ने कहा- FIR दर्ज करके रेगुलर जांच होना बेहद जरूरी
अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की 25 से 29 जून तक होने वाली पांच दिवसीय बैठक स्थगित हो चुकी है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बुधवार को दिल्ली में चढ़ावा चोरी केस पर खुलकर अपनी बात रखी। आलोक कुमार ने कहा- रामलला मंदिर के चढ़ावे में हुई इस कथित हेराफेरी के मामले को दबाया या छिपाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा, इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए और एक रेगुलर पुलिसिया जांच की सख्त जरूरत है। उन्होंने साफ किया कि केवल आंतरिक जांच से काम नहीं चलेगा, जब तक कानून अपना काम नहीं करेगा, तब तक दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो पाएगा।
आलोक कुमार ने कहा- करोड़ों रामभक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई और अगाध श्रद्धा से रामलला के चरणों में दान अर्पित किया था। ऐसी पवित्र जगह से दान चोरी होने की खबर आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने में कहा- इस पूरे प्रकरण से संपूर्ण हिंदू समाज और हिंदुओं की आस्था को गहरा धक्का लगा है। एक संगठन और एक हिंदू के नाते इससे हमें बेहद लज्जा महसूस हुई है।
कैसे खुली राम मंदिर चोरी की पोल
बताया जा रहा है कि सेवादारों को मंदिर में सालों से चल रहे गबन की जानकारी थी। इसमें बड़े लोगों के नाम होने के कारण वे कुछ बोल नहीं रहे थे। पिछले 2 सालों में टिन्नू का दबदबा बढ़ा तो मंदिर में काम करने वाले एक गुट को यह चुभने लगा। इस गुट ने प्लानिंग बनाकर उससे करीबी बढ़ाई। फिर सभी तथ्य पता कर इसकी जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी।







