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नासिक पुलिस और जांच एजेंसियों ने एकआरोपी शुभम खैरनार को 12 मई को गिरफ्तार किया। - Dainik Bhaskar
नासिक पुलिस और जांच एजेंसियों ने एकआरोपी शुभम खैरनार को 12 मई को गिरफ्तार किया।

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की।

FAIMA ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली से अब भरोसा उठ चुका है। इसलिए मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुर्नगठन किया जाना चाहिए।

इधर, मामले की जांच कर रही CBI महाराष्ट्र के नासिक पहुंची। आरोपी शुभम खैरनार को कस्टडी में लिया। इधर, हरियाणा के गुरुग्राम से भी BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया है।

दरअसल, NTA ने 12 मई को पेपर लीक के बाद NEET परीक्षा रद्द की। NTA ने माना कि गड़बड़ी हुई है। एग्जाम 3 मई को हुआ था, जिसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

NEET मामले में आज के अपडेट्स

  • महाराष्ट्र के अहिल्याबाईनगर से धनंजय नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया। उस पर शुभम खैरनार को पेपर देने का आरोप है।
  • यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक हुए हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं हुई हैं। इस नाकामी की जिम्मेदार BJP सरकार है।

12 मई: NTA डीजी अभिषेक सिंह ने गड़बड़ी मानी

NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा।

उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंपी। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।

वहीं, दिल्ली में मीडिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस मामले में सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले निकल गए थे।

केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइन से समझें

NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि आखिर यह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ।

1 मई: केरलम से राजस्थान भेजा क्वेश्चन बैंक

केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा।

2 मई: राजस्थान में पेपर शेयर हुआ

दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसी तरह दूसरे स्टूडेंट्स और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा। इसी तरह बंटता चला गया।

3 मई: पीजी संचालक ने पुलिस में शिकायत की

परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है।

6-7 मई: पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल

आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था।

7 मई: NTA ने गड़बड़ी की बात कही

NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद, यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया।

8 मई: NTA ने जांच केंदिय एजेंसियों को सौंपी।

10 मई: 13 लोग अरेस्ट

राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER