TIO श्रीनगर

महज चार दिन में 69 हजार से अधिक भोले भक्तों ने पवित्र गुफा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। हर रोज ये संख्या बढ़ रही है और आने वाले समय में इसके और बढ़ने के आसार हैं।
बाबा बर्फानी के भक्तों ने दिखा दिया कि आस्था से हौसला बढ़ता है और हौसले के आगे खौफ घुटने टेक देता है। महज चार दिन में 69 हजार से अधिक भोले भक्तों ने पवित्र गुफा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। हर रोज ये संख्या बढ़ रही है और आने वाले समय में इसके और बढ़ने के आसार हैं। इसको देखते हुए टोकन और पंजीकरण कोटा व काउंटर भी बढ़ा दिए गए हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, चार दिनों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 69, 484 पहुंच गई है। पहले दिन तीन जुलाई को 12,348, 4 को 14,515 और 5 को 21,109 भक्तों ने दर्शन किए थे। छह जुलाई को 21,512 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यात्रा तीन जुलाई को शुरू हुई थी और नौ अगस्त तक चलेगी।
रविवार को रोज की तरह बालटाल और नुनवान आधार शिविरों से बाबा बर्फानी के भक्तों का चौथा जत्था पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुआ। दोनों आधार शिविरों से सुबह करीब पांच बजे भक्तों का जत्था ”बम बम भोले” और जय-जय शिव शंकर के जयघोष लगाते हुए पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए।
बालटाल में लंगर लगाने वाले विकास शर्मा और कैलाश शर्मा बताते हैं, पहले हमारे मन में बार-बार सवाल उठ रहा था कि इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह दिखेगा या नहीं। पर, जिस तरह हम बाबा का नाम लेकर चले आए, उसी तरह सभी भोले भक्त आ रहे हैं। इतना जबरदस्त उत्साह उन दहशतगर्दों को मुंहतोड़ जवाब है, जिन्होंने पहलगाम में बेगुनाहों का खून बहाया था। वह कहते हैं, कुछ भी हो जाए हम डरने वाला नहीं हैं।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम के बायसरन में आतंकियों ने गोलियां बरसाकर 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद माहौल ऐसा बना कि लोग कश्मीर जाने से कतरा रहे थे। पर्यटन उद्योग पूरी तरह से ठप पड़ गया था। पर्यटन उद्योग को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नई दिल्ली में हुई नीति आयोग की बैठक में केंद्र से मदद मांगी थी और गुजारिश की थी कि मंत्रियों, अधिकारियों, संसदीय समितियों को बैठकों के लिए कश्मीर भेजें।
उपराज्यपाल व सीएम ने जताया था भरोसा
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस बात से आशान्वित थे कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से पर्यटन उद्योग को रफ्तार मिलेगी। उनका यह भरोसा सच साबित होता दिख रहा है।
उत्तराखंड के पंतनगर निवासी की मौत
बालटाल मार्ग पर रविवार को उत्तराखंड के पंतनगर निवासी राकेश कुमार सोनी (49) की मौत हो गई। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें पहले गांदरबल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सोवरा रेफर कर दिया गया। स्किम्स पहुंचने पर सोनी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER