TIO पुरी

ओडिशा के पुरी में सालाना जगन्नाथ यात्रा का आज दूसरा दिन है। आज 10 बजे फिर रथयात्रा शुरू हो गई। तीनों रथ भक्तों ने खींचना शुरू कर दिए हैं। यात्रा शुक्रवार को शुरू हुई थी। हर साल के मुकाबले डेढ़ गुना (यानी 10 लाख) श्रद्धालु पहुंचे। इससे रथ मार्ग पर इतनी भीड़ हो गई कि तीनों रथों को आगे बढ़ाने में मशक्कत करनी पड़ी।

पहले दिन रथ 750 मीटर भी नहीं बढ़ पाए। देर शाम देवी सुभद्रा के रथ के आसपास भीड़ का दबाव बढ़ने से 625 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। कई बेहोश हुए तो कुछ को चोटें आईं।

प्रशासन के मुताबिक, 70 अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 9 की हालत गंभीर है। कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, ‘भगवान बलभद्र का रथ मोड़ पर फंसने से देरी हुई। इस कारण देवी सुभद्रा के रथ को मरीचकोट में रोकना पड़ा। सूर्यास्त होने से तीनों रथों को रात 8 बजे रोकने की घोषणा की गई।’

मुख्य मंदिर से 2.6 किमी दूर गुंदिचा मंदिर में 9 दिन ठहरेंगे भगवान प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सबसे आगे रहा बलभद्र का रथ है। देवी सुभद्रा का रथ 750 मीटर ही पहुंच पाया। भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ मुख्य मंदिर के बाहर ही खड़ा है। वह एक मीटर ही खिसक पाया।

मुख्य मंदिर से शाम 4:08 बजे भगवान बलभद्र के रथ को खींचना शुरू किया था। मुख्य मंदिर से 2.6 किमी दूर गुंदिचा मंदिर में 9 दिन ठहरने के बाद भगवान 5 जुलाई को मुख्य मंदिर लौटेंगे।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER