TIO नई दिल्ली
उन्होंने बैठक के आखिर में जाइंट स्टेटमेंट (संयुक्त घोषणापत्र) पर साइन करने से इनकार कर दिया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बयान में आतंकवाद के खिलाफ भारत की चिंताओं को पूरी तरह शामिल नहीं किया गया था।
बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, पहलगाम आतंकी हमले का पैटर्न भारत में लश्कर-ए-तैयबा के पिछले आतंकी हमलों जैसा था। सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों को रोकने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।
कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को अपनी नीति मानते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं। फिर इसे इनकार करते हैं। ऐसे डबल स्टैंडर्ड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्हें समझना होगा कि अब आतंकवाद के एपिसेंटर सेफ नहीं हैं।
इस बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी मौजूद थे। राजनाथ ने कहा, SCO को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।







