TIO नई दिल्ली

भारतीय नर्स निमिषा को 16 जुलाई को यमन में मौत की सजा दी जानी थी। हालांकि, 15 जुलाई को निमिषा की सजा अस्थाई रूप से टाल दी गई थी।
विदेश मंत्रालय ने लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान में यमन सहित 11 देशों में 43 भारतीय मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। साथ ही, दुनिया के 70 से अधिक देशों की जेलों में 10,574 भारतीय नागरिक बंद हैं।
इनमें से कुछ अंडरट्रायल हैं, कुछ सजा पाए हुए और कुछ सजा पूरी करने के बावजूद रिहाई या प्रत्यर्पण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनमें से 14 देश ऐसे हैं जहां 100 से ज्यादा भारतीय जेलों में बंद हैं।
हालांकि यह संख्या ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कई देशों के कड़े प्राइवेसी कानूनों के कारण सभी मामलों की विस्तृत जानकारी देना संभव नहीं है। कई देशों में तब तक जानकारी शेयर नहीं की जाती, जब तक संबंधित कैदी इजाजत न दे।
यूएई में 21 भारतीयों को मिली मौत की सजा मंत्रालय ने बताया कि 43 भारतीय नागरिक विदेशी जेलों में मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 21 संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हैं। इसके बाद सऊदी अरब (7), चीन (4), इंडोनेशिया (3), यमन (1) और कुछ अन्य देशों में हैं।
15 जुलाई 2025 तक श्रीलंका की जेलों में 28 भारतीय मछुआरे बंद हैं। यह मुद्दा लगातार मानवीय और आजीविका के आधार पर श्रीलंका सरकार के साथ उठाया जा रहा है।
हाल ही में प्रधानमंत्री ने भी श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान इस पर जोर दिया। सरकार ने कहा कि भारतीय मिशन इन कैदियों को कानूनी सहायता, काउंसलर एक्सेस और समय पर रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। कई देशों के साथ कैदी स्थानांतरण संधि भी की गई है।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, THE INFORMATIVE OBSERVER